DEFENCE / PARAMILITARY / NATIONAL & INTERNATIONAL SECURITY AGENCY / FOREIGN AFFAIRS / MILITARY AFFAIRS

खालिस्तानी आतंकी पन्नू के मामले में अमेरिकी मीडिया ने लिया खुफिया एजेंसी रॉ का नाम, बताया किसने चुनी ‘हिट टीम’

खालिस्तानी आतंकी पन्नू के मामले में अमेरिकी मीडिया ने लिया खुफिया एजेंसी रॉ का नाम, बताया किसने चुनी ‘हिट टीम’

वाशिंगटन ने पिछले साल नवम्बर में दावा किया था कि भारतीय अधिकारियों ने अमेरिका की जमीन पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची थी, जिसे नाकाम कर दिया गया है। अमेरिकी आरोपों को सामने आने के बाद भारत सरकार ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की थी।

हाइलाइट्स

  • खालिस्तानी आतंकी पन्नू के मामले में खुफिया एजेंसी रॉ का नाम
  • वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में किया रॉ अधिकारी का जिक्र
  • रॉ अधिकारी ने विक्रम यादव ने चुनी थी पन्नू मारने के लिए टीम

वाशिंगटन: खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश के मामले में अमेरिकी मीडिया ने भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ (RAW) पर आरोप लगाया गया है। वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में रॉ के एक अधिकारी विक्रम यादव पर पन्नू की हत्या के प्रयास में शामिल होने की बात कही है। पोस्ट ने दावा किया है कि विक्रम यादव ने पन्नू को अपने प्राथमिक टारगेट की लिस्ट में रखा था और उसकी हत्या के लिए शूटर की टीम को चुना था। यादव ने पन्नू के बारे में जानकारी भी हिट टीम को भेजी थी।

रिपोर्ट में अज्ञात पूर्व अमेरिकी और भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि यादव ने पन्नू के न्यूयॉर्क स्थित आवास का पता समेत, संपर्क की जानकारी संभावित हत्यारों को भेजी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यादव ने हत्यारों की टीम से कहा था कि “जैसे ही यह पुष्टि होगी कि अमेरिकी नागरिक पन्नू घर पर है, हमारी तरफ से अगला कदम बढ़ाया जाएगा।”

क्या है पन्नू की हत्या की साजिश का मामला?

अमेरिका ने बीते साल के आखिर में दावा किया था कि उसने अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है। यह अमेरिकी नागरिक खालिस्तानी आतंकी गुरतपवंत सिंह पन्नू था। अमेरिकी अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों पर पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। मामले को भारत के समक्ष भी उठाया गया। भारत सरकार ने इसकी जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। भारतीय विदेश मंत्रालय के तत्कालीन प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था, “भारत ऐसे इनपुट को गंभीरता से लेता है क्योंकि यह हमारे अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों पर भी असर डालता है। अमेरिकी इनपुट के संदर्भ में मुद्दों की पहले से ही संबंधित विभागों द्वारा जांच की जा रही है।”

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि भारतीय अधिकारी ने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए एक एजेंट से संपर्क किया था। इस एजेंट को पन्नू को मारने की जिम्मेदारी दी गई थी। अमेरिकी मीडिया में कहा गया था कि भारतीय अधिकारी जिस हिट मैन को पन्नू की मारने के लिए संपर्क कर रहे थे वह दरअसल एक अमेरिकी एजेंट था। भारतीय अधिकारी को इस बारे में पता नहीं था और इस तरह पन्नू की हत्या के पहले ही साजिश का पर्दाफाश हो गया।

error: Content is protected !!