https://twitter.com/DefenceSahil/status/1908479806376673609?t=Q5CuDUR4wMlp1Xixt6KVSQ&s=19
India Issues NOTAM for Missile Test in Bay of Bengal on April 12, 2025
In a significant development underscoring India’s continuing advancements in missile technology and strategic preparedness, a Notice to Airmen (NOTAM) has been issued for a missile test scheduled to take place in the Bay of Bengal on April 12, 2025. The test window is slated from 09:30 AM to 10:00 AM IST, during which air and maritime traffic is advised to avoid the marked area for safety reasons.
According to the details revealed through the NOTAM map, the designated area stretches from the eastern coast of India deep into the Bay of Bengal, covering a range of approximately 1,355 kilometers. This range hints at a medium to long-range missile system, potentially being tested from the APJ Abdul Kalam Island (Wheeler Island) off the coast of Odisha, which is a well-known missile testing facility under the Defence Research and Development Organisation (DRDO).
Strategic Significance
While official confirmation of the missile type is yet to be announced, defense experts speculate that the test could involve an advanced version of the Agni or Pralay series, or a completely new missile under development. The test is a part of India’s efforts to bolster its deterrence capabilities amidst growing regional challenges and evolving threat scenarios.
Given the geopolitical tensions in the Indo-Pacific region, such tests are crucial for maintaining strategic parity and ensuring robust national defense preparedness. The 1,355 km range also points toward a potential deployment capability across the Indian Ocean Region (IOR), further strengthening India’s maritime strike capabilities.
Safety Measures and NOTAM Details
The NOTAM is a standard international procedure issued to alert civilian and military aviation authorities of potential hazards during a missile or rocket test. The identified area is marked with red stripes in the map, and both aviation and shipping routes have been temporarily closed within this danger zone to avoid any risk.
This NOTAM has been shared with international aviation agencies, maritime bodies, and neighboring countries as part of protocol and transparency measures.
DRDO and Strategic Forces Command
India’s Defence Research and Development Organisation (DRDO) along with the Strategic Forces Command (SFC) under the Nuclear Command Authority are believed to be closely coordinating the test. Past records indicate such short-duration NOTAMs are usually associated with strategic weapons under active deployment trials or user-trials before induction.
The outcome of this missile test, if successful, will not only enhance India’s strategic deterrent but may also open pathways for export under the “Make in India” and “Atmanirbhar Bharat” initiatives in defense production.
भारत ने 12 अप्रैल 2025 को बंगाल की खाड़ी में मिसाइल परीक्षण के लिए NOTAM जारी किया
भारत ने अपनी रणनीतिक शक्ति और रक्षा क्षमताओं को दर्शाते हुए एक बार फिर मिसाइल परीक्षण की तैयारी कर ली है। इसके लिए 12 अप्रैल 2025 को सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे IST तक के समय के लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया गया है। यह परीक्षण बंगाल की खाड़ी में होगा, जिसके लिए एक विशेष क्षेत्र को एयर और समुद्री यातायात से अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
जारी किए गए NOTAM के अनुसार, यह क्षेत्र भारत के पूर्वी तट से लेकर बंगाल की खाड़ी के भीतर तक फैला हुआ है और इसका अनुमानित दायरा लगभग 1,355 किलोमीटर है। यह दूरी इस ओर संकेत करती है कि परीक्षण में मध्यम या लंबी दूरी की मिसाइल शामिल हो सकती है। ऐसा अनुमान है कि यह परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से किया जा सकता है, जो DRDO का प्रमुख मिसाइल परीक्षण स्थल है।
रणनीतिक महत्व
हालांकि आधिकारिक रूप से मिसाइल के प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण ‘अग्नि’ या ‘प्रलय’ सीरीज की उन्नत मिसाइल का हो सकता है, या फिर यह किसी नई प्रणाली का परीक्षण भी हो सकता है। यह परीक्षण भारत की रक्षा तैयारियों और क्षेत्रीय तनावों के बीच रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव और चीन की आक्रामक गतिविधियों के मद्देनज़र, ऐसे परीक्षण भारत के लिए बेहद आवश्यक हैं। यह परीक्षण न केवल भारतीय सशस्त्र बलों की सामरिक शक्ति को दर्शाता है, बल्कि समुद्री क्षेत्र में भारत की मारक क्षमता को भी मजबूत करता है।
सुरक्षा और NOTAM का विवरण
NOTAM एक अंतरराष्ट्रीय चेतावनी प्रणाली है, जिसका उपयोग किसी भी हवाई या समुद्री खतरे की जानकारी देने के लिए किया जाता है। इसमें जिन क्षेत्रों को खतरे की श्रेणी में रखा गया है, उन्हें लाल रंग की धारियों से दिखाया गया है। इस दौरान नागरिक और सैन्य विमानों, तथा जहाजों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इस जानकारी को अंतरराष्ट्रीय एविएशन एजेंसियों, समुद्री संस्थाओं और पड़ोसी देशों के साथ साझा किया गया है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा बनी रहे।
DRDO और रणनीतिक बल कमान की भूमिका
इस परीक्षण की तैयारियों में DRDO और न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी के तहत कार्यरत रणनीतिक बल कमान (SFC) की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आमतौर पर इस तरह के कम समय के लिए जारी किए गए NOTAM किसी सक्रिय तैनाती या अंतिम उपयोगकर्ता परीक्षण से जुड़े होते हैं।
यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो इससे भारत की सामरिक क्षमता को नई ऊंचाई मिलेगी और रक्षा क्षेत्र में “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में भी बड़ा योगदान होगा।
Add Comment