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अब सीएपीएफ, NIA, IB और NDRF में झटपट मिलेंगे लैपटॉप, नोटपैड और टैबलेट, डीजी को मिली पावर

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CAPF: अब सीएपीएफ, NIA, IB और NDRF में झटपट मिलेंगे लैपटॉप, नोटपैड और टैबलेट, डीजी को मिली पावर

केंद्रीय गृह मंत्रालय में पुलिस आधुनिकीकरण प्रभाग द्वारा छह जून को एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में असम राइफल, बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनएसजी, एसएसबी, एनआईए, आईबी व एनडीआरएफ में तकनीकी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ‘सीएपीएफ’, एनआईए, आईबी व एनडीआरएफ में ‘आधुनिकीकरण’ की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय ने एक खास आदेश जारी किया है। इसमें सभी बलों के महानिदेशकों/डायरेक्टरों को लैपटॉप/नोटपैड/टैबलेट खरीद के लिए ‘डेलीगेशन ऑफ पावर’ यानी ‘शक्तियों का प्रत्यायोजन’ दी गई है। अब सीएपीएफ, खुफिया एजेंसी, एनआईए व एनडीआरएफ के योग्य अधिकारियों को बिना किसी देरी के लैपटॉप/नोटपैड/टैबलेट मुहैया कराए जा सकेंगे। डीजी यह पावर, संबंधित बल या एजेंसी के फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह से इस्तेमाल करेंगे। यह आदेश केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी के बाद जारी किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय में पुलिस आधुनिकीकरण प्रभाग द्वारा छह जून को एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में असम राइफल, बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनएसजी, एसएसबी, एनआईए, आईबी व एनडीआरएफ में तकनीकी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय के 21 जुलाई 2023 को जारी कार्यालय ज्ञापन का पालन करना होगा। उस कार्यालय ज्ञापन में कहा गया था कि केंद्र सरकार के ऐसे अधिकारी, जो 1.3 लाख रुपये तक की कीमत वाले मोबाइल, लैपटॉप एवं इसी तरह के उपकरणों के हकदार थे, वे चार साल के बाद उन उपकरणों को अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए रख सकते थे। केंद्र सरकार में उप सचिव और उससे ऊपर के स्तर के सभी अधिकारी ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के हकदार हैं।

वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग ने आधिकारिक कार्य के लिए पात्र अधिकारियों को मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, फैबलेट, नोटबुक, नोटपैड, अल्ट्रा-बुक, नेट-बुक या समान श्रेणियों के उपकरण जारी करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। केंद्र सरकार में उप सचिव और उससे ऊपर के स्तर के सभी अधिकारियों को भी उक्त उपकरण मुहैया कराने की श्रेणी में रखा गया था। अनुभाग अधिकारियों और अवर सचिवों के मामले में स्वीकृत क्षमता के तहत 50 फीसदी अफसरों को हो ऐसे उपकरण जारी करने की बात कही गई। इन उपकरणों की कीमत के बारे में भी दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इनकी कीमत एक लाख रुपये (कर सहित) हो सकती है। साथ ही यह भी कहा गया कि इनमें 40 फीसदी से अधिक मेक इन इंडिया (भारत में निर्मित) के कलपुर्जों वाले उपकरण हों। कुल कीमत सीमा 1.30 लाख रुपये (कर सहित) तय की गई थी।

वित्त मंत्रालय ने नवंबर 2023 में एक अन्य आदेश जारी किया था। इसमें वित्त मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों को मोबाइल, लैपटॉप और ऐसे ही अन्य उपकरण जारी करने के संबंध में दिशानिर्देशों का पालन करने और व्यय विभाग के दिशानिर्देशों के विपरीत किसी भी नीति को वापस लेने के लिए कहा था। व्यय विभाग के संज्ञान में ऐसी बात आई है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में उक्त उपकरणों की खरीद के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उनका पालन नहीं हो रहा है। विभिन्न मंत्रालय और विभाग, इन उपकरणों की खरीद के लिए अपनी नीतियां बना रहे हैं। वे नीतियां, वित्त मंत्रालय के दिशानिर्देशों की भावना के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे में अब सभी मंत्रालयों/विभागों को उक्त उपकरणों की खरीद को लेकर मनमानी नीति पर रोक लगाने और उसे वापस लेने का आदेश दिया गया। साथ ही वित्त मंत्रालय ने कहा, इन उपकरणों की खरीद को लेकर जो निर्देश जारी किए गए हैं, उनका अक्षरशः पालन किया जाए।

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