Rajasthan Chunav News: राजस्थान के इन 6 जिलों में हुई सबसे ज्यादा वोटिंग, 80 फीसदी पार रहा मतदान का आंकड़ा

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Rajasthan Chunav News: राजस्थान के इन 6 जिलों में हुई सबसे ज्यादा वोटिंग, 80 फीसदी पार रहा मतदान का आंकड़ा

Rajasthan News: राजस्थान में अगली सरकार किसकी होगी इसे लेकर जनता अपने फैसला सुना दिया है। असेंबली इलेक्शन में 25 नवंबर को लोगों ने जमकर अपने वोटिंग राइट्स का इस्तेमाल किया। इस बार वोटिंग का आंकड़ा 75 फीसदी के पार चला गया। आइये जानते हैं उन जिलों के बारे में जहां सबसे ज्यादा वोट पड़े।

जयपुर : राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार बंपर वोटिंग हुई, जिससे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। इस बार सूबे की आवाम ने छप्परफाड़ मतदान किया। यही वजह है कि राजस्थान में वोटिंग का आंकड़ा 75.45 फीसदी पहुंच गया। इतना ही नहीं सूबे के 6 जिले ऐसे रहे जहां सबसे ज्यादा लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इन जिलों ने 80 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इस बात का खुलासा किया।

6 जिलों में 80% से ज्यादा वोटिंग

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के छह जिलों में शनिवार को हुए विधानसभा चुनाव में 80 फीसदी से अधिक मतदान हुआ। राज्य के बांसवाड़ा, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़, झालावाड़ और प्रतापगढ़ जिलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। बांसवाड़ा जिले में 83 फीसदी वोटिंग हुई। चित्तौड़गढ़ में 80.41, हनुमानगढ़ में 82.52 में और जैसलमेर में 82.32 प्रतिशत मतदान हुआ।

कुशलगढ़ में सबसे ज्यादा मतदान

बांसवाड़ा के कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र प्रदेश में सर्वाधिक 88.13 फीसदी मतदान हुआ और ये शीर्ष पर रहा। पोकरण विधानसभा क्षेत्र 87.79 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद तिजारा में 86.11 फीसदी वोटिंग हुई। निम्बाहेड़ा में 85.58, घाटोल (85.35), बारी (84.22), और मनोहरथाना में 84.12 फीसदी मतदान हुआ। राज्य में इस बार वोटिंग में महिलाएं पुरुषों से आगे रहीं।

महिलाओं ने पुरुषों से मारी बाजी

महिलाओं के अधिक मतदान प्रतिशत के राजनीतिक निहितार्थ हैं। कांग्रेस सरकार समर्थक मुफ्त मोबाइल योजना को इसकी वजह बता रहे हैं तो बीजेपी समर्थक इसे महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध से जोड़ रहे हैं। फिलहाल सूबे की जनता ने फैसला सुनाया दिया है। अब इंतजार 3 दिसंबर का है, जब वोटों की गिनती शुरू होगी। इसके बाद पता चल जाएगा कि राजस्थान की आवाम ने किसे सत्ता की चाबी सौंपी है।

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