पाकिस्तान में ईरानी राष्ट्रपति का रेड कार्पेट वेलकम:जिन्ना के मकबरे पर जाएंगे; अमेरिका के खिलाफ जाकर गैस-पाइप लाइन डील की संभावना

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

पाकिस्तान में ईरानी राष्ट्रपति का रेड कार्पेट वेलकम:जिन्ना के मकबरे पर जाएंगे; अमेरिका के खिलाफ जाकर गैस-पाइप लाइन डील की संभावना

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है। - Dainik Bhaskar

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है।

ईरान और इजराइल में चल रहे तनाव के बीच सोमवार(22 अप्रैल) को ईरान के राष्ट्रपति सैय्यद इब्राहिम रईसी पाकिस्तान पहुंचे। यहां उनका रेड कार्पेट के साथ स्वागत किया गया। उन्हें इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर हाउसिंग मिनिस्टर मियां रियाज हुसैन पीरजादा और ईरान में पाकिस्तान के राजदूत मुदस्सर टीपू ने रिसीव किया। यह किसी ईरानी राष्‍ट्रपत‍ि का 7 साल बाद पहला पाकिस्‍तान दौरा है।

इस दौरे के पहले दिन ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद से निपटने में प्रतिबद्धता जताई। साथ ही दोनों नेताओं में ईरान और पाकिस्तान के बीच बिजनेस बढ़ाने को लेकर भी सहमति बनी।

ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के अलावा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे कई राज्यों के मुख्यमंत्री, बिजनेसमैन और कई अधिकारियों से भी मिलेंगे। इससे पहले जनवरी में दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हुई थी, जब दोनों ने एक दूसरे पर किए हमलों को ‘आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई’ बताया था।

प्रधानमंत्री कार्यालय में ईरान के राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय में ईरान के राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

पाकिस्तान से रिश्ते सुधारना चाहता है ईरान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी राष्ट्रपति के पाकिस्तान दौरे का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारना है। ईरान के राष्ट्रपति रईसी पाक पीएम के साथ हुई जॉइंट प्रेस कान्फ्रेंस में इस बात को दोहरा चुके हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच के मुताबिक ईरानी राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी , उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल और एक बिजनेस डेलिगेशन भी पाकिस्तान की यात्रा पर है। यात्रा के दौरान कई नेताओं से ईरानी राष्ट्रपति व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के ऊपर बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय में रईसी ने किया लंच

ईरान के राष्ट्रपति रईसी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में लंच का आयोजन भी किया गया। लंच के बाद दोनों देशों के बीच डेलिगेशन लेवल बातचीत हुई जिसमें कई क्षेत्रों के 8 से ज्यादा MOU साइन किए गए। राष्ट्रपति कार्यालय में भी ईरान के राष्ट्रपति रईसी के लिए भोज का आयोजन किया गया है।

पाकिस्तान की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान रईसी लाहौर और कराची भी जाएंगे। यहां वे पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के मकबरे पर जाएंगे और उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। बुधवार को ही रईसी तेहरान लौट जाएंगे। ईरानी राष्ट्रपति की हाई-प्रोफाइल यात्रा के चलते लोकल अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं और 23 अप्रैल को कराची में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

ईरान और पाकिस्तान के बीच कई क्षेत्रों के लिए MOU साइन होंगे।

ईरान और पाकिस्तान के बीच कई क्षेत्रों के लिए MOU साइन होंगे।

क्या अमेरिका के खिलाफ ईरान- पाकिस्तान का पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर मुहर लगेगी पाकिस्तान ईरानी राष्ट्रपति की मेजबानी करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। इसके पीछे एक गैस पाइप लाइन डील की सबसे ज्यादा चर्चा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश अमेरिका के विरोध के बावजूद डील आगे बढ़ा सकते हैं। दरअसल, ईरान और पाकिस्तान के बीच गैस पाइपलाइन को लेकर 2013 में एक एग्रीमेंट साइन हुआ था।

उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने ईरान में इसका उद्घाटन किया था। हालांकि, अमेरिका की आपत्ति के चलते नवाज शरीफ और इमरान खान की सरकारों के दौरान प्रोजेक्ट पर कुछ काम नहीं हुआ।

8 महीने पहले खबर आई थी कि अमेरिकी दबाव के चलते पाकिस्तान, ईरान के साथ गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट को छोड़ने वाला है। जबकि इस प्रोजेक्ट से पाकिस्तान को सस्ते दाम पर बिजली हासिल होने वाली थी। वॉयस ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की गैस पाइपलाइन के जरिए पाकिस्तान को प्रति दिन 750 मिलियन क्यूबिक फीट की गैस मिलती।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने इसे छोड़ने के लिए ईरान को एक नोटिस जारी कर दिया था। इसमें बताया गया है था कि पाकिस्तान इस प्रोजेक्ट को तब तक आगे नहीं बढ़ा सकता है जब तक उस पर अमेरिका की पाबंंदियां लगी हैं।

2009 और 2010 में जब ईरान और पाकिस्तान ने गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट पर फ्रेमवर्क एग्रीमेंट साइन किया तो अमेरिका ने डिप्लोमेसी के तहत और सार्वजनिक तौर पर इस पर कड़ा विरोध जताया था।

ईरान और पाकिस्तान के बीच यह पाइपलाइन एग्रीमेंट 2013 में साइन हुआ था।

ईरान और पाकिस्तान के बीच यह पाइपलाइन एग्रीमेंट 2013 में साइन हुआ था।

पाकिस्तान को डेढ़ लाख करोड़ के जुर्माने का डर
ईरान से इस डील को लेकर अमेरिका की नाराजगी से बचने के लिए मार्च 2023 में पाकिस्तान ने एक डेलीगेशन वॉशिंगटन भेजा था। इसका मकसद अमेरिका से प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने के लिए छूट मांगना था। ताकि वो ईरान के चलते उन पर कोई पाबंदी न लगा दे। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं दिया ।

लेकिन पिछले साल पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक़ काकड़ की अंतरिम सरकार ने प्रोजेक्ट के एक हिस्से को मंजूरी दे दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान को भी डर है कि ईरान समझौते का उल्लंघन करने पर मामला अंतरराष्ट्रीय अदालत में ले जा सकता है,जिससे पाकिस्तान पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए का जुर्माने लग सकता है।

इसी कारण पाकिस्तान 80 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाना चाहता है। लेकिन अमेरिका के दवाबों के कारण उसे झुकना पड़ रहा है। BBC के मुताबिक ईरान के राष्ट्रपति पाकिस्तान की यात्रा के जरिए दुनिया को मैसेज देना चाहते हैं कि दोनों देशों के संबंध अच्छे हैं।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!