अर्पिता ने लगातार सातवें वर्ष भी सरहद पर जवानों को बांधी स्वदेशी राखी

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बीकानेर । देश की सीमा की रक्षा करने वाले जवानों को रक्षाबंधन के दिन सभी का स्नेह और धन्यवाद पहुंचाने हेतु विगत 6 वर्षों से लगातार कार्य कर रही जयपुर की अधिवक्ता अर्पिता माथुर इस बार लगातार सातवें वर्ष भी सोमवार को सरहद पर सैनिकों को स्वदेशी सामान से हाथ की बनी राखी बांधने पहुंची।

उन्होंने रक्षा बंधन के दिन सीमा सुरक्षा बल के खाजूवाला बटालियन हेडक्वार्टर और सिसाडा बॉर्डर आउटपोस्ट पर जवानों को राखी बांधी।

अर्पिता ने बताया की विभिन्न स्वयंसेवी संगठन एवं संस्थाएं सैनिक भाइयों के लिए स्वयं हाथों से राखी बनाते हैं और धन्यवाद संदेश लिखते हैं जिस पर वह एक चॉकलेट लगाकर कर वो इन राखियों को देश के विभिन्न क्षेत्रों में निजी स्तर पर भिजवाती है और साथ ही स्वयं बीकानेर क्षेत्र में भारतीय थल सेना, भारतीय वायु सेवा और सीमा सुरक्षा बल के सैनिकों को राखी बांधती है।
इस वर्ष भी उन्होंने तीनों सेनाओं के छह से अधिक स्थानों पर स्वयं राखी बांधी है।

माथुर ने बताया कि वो हर वर्ष हाथ की बनी हुई सैंकड़ों राखियां लेकर आती है और इस वर्ष अपने साथ 650 राखियां लाई है।
उन्होंने अपनी टीम और सभी सहयोगकर्ताओं के साथ भारतीय रेल्वे का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया की वो जब सैनिक राखी लिखा हुआ बॉक्स लेकर ट्रेन से आई तो रेल्वे कर्मचारियों ने उनकी बहुत मदद की ।

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