कृषि का विकास तथा किसानों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आपदा प्रबंधन मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय में किया विकास कार्यों का शिलान्यास

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बीकानेर,16 दिसंबर। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने गुरुवार को कृषि महाविद्यालय के आवासीय छात्रावास व कक्षा कक्षों का शिलान्यास किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि कृषि का विकास व कृषकों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा इसके मद्देनजर अनेक नवाचारी कदम उठाए गए हैं, जिनसे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हुआ है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा की गई बजट घोषणा की अनुपालन में वित्तीय वर्ष 2022 23 के लिए अलग कृषि बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए प्रगतिशील किसानों, पशुपालकों, डेयरी संघ के पदाधिकारियों एवं खाद्य उत्पादकों समूह सहित कृषि से जुड़े लोगों के सुझाव लिए जा रहे हैं। पृथक कृषि बजट किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा नए-नए अनुसंधान किए जाएं तथा कृषि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक प्रायोगिक ज्ञान उपलब्ध करवाया जाए।
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.पी. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा विवाहित विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए आवासीय छात्रावास बनाया जा रहा है। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा 70 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं दो कक्षा कक्षों के निर्माण पर 50 लाख रुपए खर्च होंगे। यह राशि राज्य सरकार द्वारा आवंटित की गई है।
विश्वविद्यालय की गतिविधियों की ली जानकारी
आपदा प्रबंधन मंत्री मेघवाल ने कुलपति प्रो. आर.पी.सिंह से विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों, अनुसंधान उपलब्धियों, पाठ्यक्रमों, खजूर की विभिन्न किस्मों तथा इनके मूल्य संवर्धित उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय ऐसे नवाचार करे, जिनसे क्षेत्र के किसानों को आर्थिक संबल मिल सके।
इस दौरान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.आई.पी सिंह, कुल सचिव कपूर शंकर मान, वित्त नियंत्रक पवन कुमार, विशेषाधिकारी विपिन लड्ढा मौजूद रहे।

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