तड़फता रहा रोहित, राहगीर बने मूक दर्शक:सड़क हादसे के बाद खून से लहूलुहान रोहित को कोई उठाने को तैयार नहीं था, तब शहर से अनजान जोधपुर का पूर्व सरपंच लेकर पहुंचा अस्पताल

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बीकानेर:-बीकानेर बॉयज स्कूल की छुट्‌टी होने के साथ ही रोहित और उसका एक साथी स्कूटी पर सवार होकर निकल गए। स्कूल से करीब सौ मीटर दूरी पर चौराहा क्रॉस किया ही था कि स्कूटी स्लिप हो गई। रोहित का साथी सड़क के एक किनारे पर गिरा और खुद रोहित डिवाइडर की तरफ। पीछे से आ रही एक बस की इस टक्कर से रोहित के जबड़े और मुंह का अधिकांश हिस्सा पिचक गया था।
सड़क पर भारी भीड़ हो गई, कोई मोबाइल से फोटो खींच रहा था तो कोई धीरे से आगे निकल गया। करीब दो मिनट बाद इसी रोड पर अपनी ब्रेजा गाड़ी से आ रहे जोधपुर के किशनाराम ने अपनी गाड़ी रोकी। कुछ टेक्सी वालों को रोका कि इस बच्चे को अस्पताल ले जाओ। रुपए भी दिए लेकिन किसी ने हां नहीं भरी। कुछ कारों को भी रोका कि इसे अस्पताल ले जाएं। किसी ने अपनी गाड़ी नहीं रोकी तो किसनाराम ने अपनी गाड़ी को सड़क के बीच में खड़ी करके रास्ता जाम कर दिया कि कोई तो उसे लेकर जाएं। दरअसल, किसनाराम बीकानेर के रास्ते नहीं जानते थे, इसलिए वो चाहता था कि कोई स्थानीय व्यक्ति ले जाए। कोई तैयार नहीं हुआ तो उसने अपनी ब्रेजा गाड़ी में ही बच्चे को अकेले डाला। पीबीएम अस्पताल का रास्ता पूछा और निकल पड़ा। अमानवीयता की हद ये थी कि कोई उसके साथ गाड़ी में बैठने के लिए भी तैयार नहीं था। किसनाराम उसे लेकर सीधा चलता गया और म्युजियम चौराहे पर पुलिस वालों से पीबीएम का रास्ता पूछा, फिर दो और लोगों से रास्ता पूछकर ट्रोमा सेंटर लेकर आया। उसने अकेले दम पर उसे ट्रोमा सेंटर में पहुंचाया। इसके कुछ दस मिनट बाद तो बीबीएस स्कूल का स्टॉफ भी पहुंच गया। किशनाराम जोधपुर की एक ग्राम पंचायत में सरपंच रह चुका है।
नहीं बचने का दुख
किशनाराम का कहना है कि वो इस बच्चे को नहीं जानता था। मैं भी आगे निकल सकता था लेकिन सोचा कि किसी का बेटा है, इसे लेकर जाना ही होगा। मुझे दुख है कि यहां पहुंचने के बाद उस बच्चे को डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। जब किशनाराम को बताया कि वो बच्चा अपने पिता का इकलौता बेटा था तो उसने कहा कि मैंने सोचा था कि ये बेटा इकलौता होगा।
गली में सन्नाटा पसरा
रोहित धोबीधोरा के पीछे एक गली में रहता था। आज सुबह वो तैयार होकर स्कूल गया था। उसके पिता विकास शर्मा एचडीएफसी बैंक में काम करते हैं। रोहित गली में सबका लाडला था। दिनभर साइकिल चलाने के साथ क्रिकेट का शौकीन था। गली में रहने वाले बताते हैँ कि वो बहुत चंचल था और हर वक्त मस्ती के मूड में रहता था।
सड़क पर पड़ा मास्क
हादसे के दौरान रोहित ने मास्क लगा रखा था। ये मास्क भी उतरकर सड़क पर गिर गया। हादसे के दो घंटे बाद भी इस सड़क पर रोहित का खून बिखरा हुआ था।

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