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पाकिस्तान से आए शिकारी बाज की मौत:रेस्क्यू सेंटर में तोड़ा दम, मेडिकल टीम ने किया पोस्टमॉर्टम

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पाकिस्तान से आए शिकारी बाज की मौत:रेस्क्यू सेंटर में तोड़ा दम, मेडिकल टीम ने किया पोस्टमॉर्टम

जैसलमेर। मृत बाज के साथ मेडिकल टीम। - Dainik Bhaskar

जैसलमेर। मृत बाज के साथ मेडिकल टीम।

जैसलमेर से लगती भारत-पाक सीमा के पास शाहगढ़ इलाके में सीमा सुरक्षा बल के जवानों को मिले शिकारी बाज की मौत हो गई। डीएनपी (डेजर्ट नेशनल पार्क) के रेस्क्यू सेंटर में बाज ने दम तोड़ दिया। दुर्लभ पक्षी की मौत से पक्षी प्रेमी काफी दुखी हैं। वहीं वन्य जीव विभाग ने मेडिकल टीम की मदद से बाज का पोस्टमॉर्टम करवाया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा होगा।

डीएफ़ओ डीएनपी आशीष व्यास ने बताया कि बाज हिल-डुल नहीं रहा था। हमने उसके खाने पीने का इंतजाम भी किया, लेकिन वो कोई रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा था। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। हमने मेडिकल टीम बनाकर उंसका पोस्टमॉर्टम करवाया है। अब रिपोर्ट का इंतजार है। आशीष व्यास ने बताया कि बाज घायल होने व घबराहट के कारण मर सकता है। हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।

पाकिस्तान की तरफ से आया था शिकार बाज।

पाकिस्तान की तरफ से आया था शिकार बाज।

पाकिस्तान की तरफ से आया था शिकारी बाज

भारत-पाक सीमा पर जैसलमेर सेक्टर साउथ डाबला BSF बटालियन के जवानों ने बुधवार देर शाम शिकारी पाकिस्तानी ट्रेंड फाल्कन बाज को पकड़ा था। यह सीमा पार से उड़कर आया था। बाज के पंजे में रिंग भी लगी है। इस रिंग से ये बताया जा रहा है कि बाज पालतू था। BSF ने जांच के बाद उसको वन्य जीव विभाग को सौंपा था, लेकिन वन्य जीव विभाग के रेस्क्यू सेंटर में बाज की मौत हो गई।

अरब के शेख शिकार में करते हैं इस्तेमाल

गौरतलब है कि अरब के राजपरिवार के शहजादे हर साल शिकार करने पाकिस्तान आते हैं, भारत-पाक बॉर्डर के पास वे कई पक्षियों का शिकार करते हैं। अरब के शेख अपने साथ दर्जनों ट्रेंड शिकारी बाज लेकर आते हैं। कभी-कभार ये रास्ता भटक कर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में आ जाते हैं। बताया जाता है कि पाकिस्तानी सरकार इन्हें शिकार के लिए परमिट जारी करती है। इसके बदले में इनसे मोटी धनराशि वसूल करती है।

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