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पोकरण युद्धाभ्यास में दिखेगा इंडियन आर्मी के रोबोट डॉग MULE का एक्शन, जानें इसकी खूबियां

पोकरण युद्धाभ्यास में दिखेगा इंडियन आर्मी के रोबोट डॉग MULE का एक्शन, जानें इसकी खूबियां

Multi Utility Legged Equipment : भारतीय सेना में अब रोबोट डॉग म्यूल भी जरूरत के मुताबिक एक्शन में नजर आएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पोकरण में मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट का प्रदर्शन होने जा रहा। म्यूल में कई ऐसी खूबियां जिससे वो दुश्मन की मुश्किलें बढ़ाने में सक्षम है। जानिए इस रोबोटिक डॉग की खूबियां।

 

नई दिल्ली : भारतीय सेना ने निगरानी बढ़ाने और युद्ध अभियानों में सहायता के लिए एक रोबोटिक डॉग MULE डेवलप किया है। इसका सफल परीक्षण पोखरण में 12 मार्च को होने वाले सेना के युद्धाभ्यास में भी दिखाई देगा। म्यूल यानी मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट में कई खूबियां हैं। जैसे ये थर्मल कैमरों और रडार से लैस है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका डिजाइन जो इसे बर्फ, रेगिस्तान, ऊबड़-खाबड़ जमीन, ऊंची सीढ़ियों यहां तक कि पहाड़ी इलाकों में हर बाधा को पार करने में सक्षम बनाता है। यही नहीं इसमें खास तकनीक भी है जिसके जरिए दुश्मन के ठिकानों पर फायरिंग की भी क्षमता है। आइये जानते हैं इस रोबोट डॉग MULE की खूबियां।

पोकरण में म्यूल का होगा परीक्षण

12 मार्च को राजस्थान के पोकरण में भारतीय सेना की ओर से सशस्त्र बलों के स्वदेशी हथियारों और उपकरणों की ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे जुड़ी एक शॉर्ट वीडियो भी इंडियन आर्मी की ओर से एक्स पर पोस्ट की गई है। इसी में भारतीय सेना का रोबोटिक डॉग म्यूल भी एक्शन में नजर आता है। ये रोबोट डॉग साल 2023 में ही भारतीय सेना के मिलिट्री इंटेलिजेंस में शामिल किया गया था।

रोबोट डॉग MULE में हैं ये खूबियां

रोबोटिक डॉग म्यूल, जिसे मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट कहते हैं, ये देखने और कद-काठी में बिल्कुल कुत्ते जैसा नजर आता है। इसकी चार टांगें हैं। म्यूल का वजन करीब 51 किलो के आसपान है। इसकी लंबाई 27 इंच है। ये मात्र एक घंटे में रिचार्ज हो जाता है। इसके बाद लगातार दस घंटे तक काम करने की क्षमता है। MULE की पेलोड क्षमता 12 किलोग्राम (26.5 पाउंड) है। इसमें कैमरे और सेंसर के अलावा, सेना के जवानों को किसी भी नुकसान से बचाते हुए दुश्मन के ठिकानों पर गोलीबारी करने की भी तकनीक शामिल की गई है।

जमीन, पहाड़ हो या सीढ़ियां सब पार करने की क्षमता

ये जमीन, पहाड़, जंगल ही नहीं ऊंची-ऊंची सीढ़ियों को भी पार करने में सक्षम है। इसका इस्तेमाल इमारतों या किसी खुफिया इलाकों में छिपे दुश्मनों की लोकेशन जानने में भी किया जा सकता है। ये स्वतंत्र रूप से खुद को नेविगेट भी कर सकता है। वाई-फाई या LTE के माध्यम से भी इसे नियंत्रित किया जा सकता है। MULE को छोटे हथियारों से भी लैस किया जा सकता है और यह विभिन्न इलाकों को पार कर सकता है

भारतीय सेना राजस्थान के पोखरण में 12 मार्च को ‘भारत शक्ति’ अभ्यास में देश में बनी हथियार प्रणालियों और अहम प्लेटफार्म का प्रदर्शन करेगी। इसमें म्यूल का प्रदर्शन होगा। अगर सबकुछ ठीक रहता है तो भारतीय सेना रोबोट डॉग MULE का इस्तेमाल कॉम्बेट ऑपरेशन में तेज करेगा।

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