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राजस्थान में कांग्रेस की तीसरी लिस्ट जारी:जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से चोपड़ा, धौलपुर-करौली से जाटव को उतारा; नागौर बेनीवाल की पार्टी के लिए छोड़ी

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राजस्थान में कांग्रेस की तीसरी लिस्ट जारी:जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से चोपड़ा, धौलपुर-करौली से जाटव को उतारा; नागौर बेनीवाल की पार्टी के लिए छोड़ी

जयपुर

कांग्रेस ने राजस्थान के लिए लोकसभा उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। तीसरी लिस्ट में केवल दो सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि नागौर सीट हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के लिए गठबंधन में छोड़ी है। करौली-धौलपुर सीट से पूर्व मंत्री भजनलाल जाटव को और जयपुर ग्रामीण से अनिल चोपड़ा को उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस अब तक तीन बार 17 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है, जबकि दो सीट गठबंधन में छोड़ चुकी है। अब 6 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा होना बाकी है। इससे पहले सीकर सीट सीपीएम के लिए गठबंधन में छोड़ चुकी है।

इस बार भी नए चेहरे उतारे, पिछले उम्मीदवारों को रिपीट नहीं किया
कांग्रेस ने तीसरी लिस्ट में भी नए चेहरों को मौका दिया है। 2019 में करौली-धौलपुर से पिछली बार के संजय कुमार और जयपुर ग्रामीण से कृष्णा पूनिया उम्मीदवार थे, इस बार दोनों को ही टिकट नहीं देकर नए चेहरों को मौका दिया है। कांग्रेस ने इस बार अब तक एक भी सीट पर 2019 के उम्मीदवार को रिपीट नहीं किया है।

इन छह सीटों पर घोषित नहीं हुए प्रत्याशी
दौसा, कोटा, अजमेर, राजसमंद, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है।

पहले फेज की दौसा सीट पर उम्मीदवार की घोषणा बाकी
पहले फेज में जिन 12 सीटों पर 27 ​मार्च को नामांकन की आखिरी तारीख है,उनमें दौसा सीट भी शामिल है। दौसा में अब भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में जल्द कांग्रेस की एक और सूची आने की संभावना है। दौसा सीट से विधायक मुरारीलाल मीणा का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

पिछली बार गठबंधन में बेनीवाल ​​​​​बीजेपी के साथ थे, इस बार कांग्रेस से
नागौर सीट पिछली बार बीजेपी ने हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के लिए गठबंधन में छोड़ी थी। हनुमान बेनीवाल 2019 में नागौर से आरएलपी-बीजेपी गठबंधन के उम्मीदवार थे। इस बार भूमिकाएं बदल गई हैं। पिछली बार नागौर से कांग्रेस उम्मीदवार रही ज्योति मिर्धा अब बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। इस सीट पर बेनीवाल के चुनाव लड़ने की संभावना है।

बेनीवाल से गठबंधन के खिलाफ थे ज्यादातर कांग्रेस नेता
कांग्रेस में अधिकतर नेता नागौर सहित किसी भी सीट पर हनुमान बेनीवाल की पार्टी से गठबंधन के खिलाफ थे। पूर्व सीएम अशोक गहलोत बेनीवाल से गठबंधन के पक्ष में थे। बताया जाता है कि गहलोत की वजह से ही आरएलपी से गठबंधन सिरे चढ़ा। बेनीवाल बाड़मेर और नागौर सीट गठबंधन में मांग रहे थे, लेकिन हरीश चौधरी खिलाफ थे। बाद में आरएलपी नेता उम्मेदाराम बेनीवाल को कांग्रेस में शामिल करके उन्हें टिकट दे दिया। बेनीवाल से ​गठबंधन के बाद अब कांग्रेस में कुछ नेता विरोध कर सकते हैं। दिव्या मदेरणा ने भी खुलकर विरोध जताया था।

बेनीवाल बोले- लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए साथ आए
कांग्रेस की तरफ से नागौर सीट पर गठबंधन की घोषणा के बाद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं का आभार जताया। बेनीवाल ने लिखा- देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए हमने एक कदम बढ़ाया और एक कदम कांग्रेस पार्टी ने बढ़ाया और उसी के परिणामस्वरूप नागौर लोकसभा की सीट इंडिया गठबंधन में आरएलपी को दी गई है। इसके लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार की तरफ से कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे,कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षा सोनिया गांधी,कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी,कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी सहित प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी का बहुत – बहुत धन्यवाद।

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