हेमा फाउंडेशन ने सामाजिक भावनात्मक मूल्य शिक्षण के साथ स्कूलों को सशक्त बनाने के लिए बीकानेर में शिक्षकों के लिए किया सेमिनार का आयोजन

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर। हेमा फाउंडेशन ने सामाजिक भावनात्मक मूल्य शिक्षण के साथ स्कूलों को सशक्त बनाने के लिए बीकानेर में शिक्षकों के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया ।रआर ग्लोबल की परोपकारी शाखा, हेमा फाउंडेशन, बिकानेर में शिक्षकों के बीच सोशल इमोशनल वैल्यू लर्निंग ( सामाजिक भावनात्मक मूल्य शिक्षा) (SEL) को बढ़ावा देने के लिए एनएनआरएसवी (NNRSV) सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में सेमिनार आयोजित हुआ ।
हेमा फाउंडेशन अपनी CSR पहल के तहत 3 से 12वीं तक के कक्षा के अनुसार नैतिक मूल्य शिक्षा मॉड्यूल निःशुल्क प्रदान करता है।
समग्र विकास में एसईएल(SEL) के महत्व को पहचानते हुए, फाउंडेशन एनईपी 2020 क्लॉज – 5.14 के अनुरूप सामाजिक और भावनात्मक स्वास्थ्य और कल्याण के पोषण पर जोर देता है।
सेमिनार का उद्देश्य हेमा फाउंडेशन की पहलों को पेश करना और मूल्य-आधारित हस्तक्षेपों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षकों को जागरूक करना है।
हेमा फाउंडेशन से श्री महेंद्र काबरा अध्यक्ष एवं प्रबंध ट्रस्टी और श्रीमती सीप्रा काबरा, ट्रस्टी सेमिनार के दौरान उपस्थित रहे ।
डॉ. चीनू अग्रवाल पीएचडी, विश्व स्तर पर प्रशंसित मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक, और हेमा फाउंडेशन के ट्रस्टी और अनुसंधान प्रमुख और निदेशक – फीलिंग माइंड्स ,सेमिनार के मुख्य वक्ता होंगे। डॉ. चीनू अग्रवाल प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण के माध्यम से सामाजिक भावनात्मक मूल्य शिक्षण पर ज्ञान प्रदान किया, जिससे शिक्षकों को अपने स्कूलों में मूल्य शिक्षा को बढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया गया।
सेमिनार की मुख्य अतिथि सुशीला राजपुरोहित माननीय महापौर, बीकानेर नगर निगम थी। इस अवसर पर रमेश हुरकुट सहायक निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, राजस्थान, डॉ अरुण कुमार जिला अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर, जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया और आदित्य स्वामी सीईओ आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स और डीपीएस की सेवानिवृत्त प्रिंसिपल और सीईओ अलका डॉली पाठक भी इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।

राजस्थान राज्य सरकार का माध्यमिक शिक्षा विभाग भी मूल्य शिक्षा के माध्यम से इस सामाजिक विकास मिशन में क्षेत्र भर के स्कूलों से अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करता है और इस पहल में भाग लेने के लिए शिक्षकों के बीच जागरूकता फैलाने के महत्व पर जोर देते हुए इस आयोजन का समर्थन भी करता है।

यह सेमिनार शिक्षकों के लिए सामाजिक भावनात्मक मूल्य शिक्षण की अपनी समझ को समृद्ध करने और छात्रों के समग्र विकास में योगदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। मूल्यों को बढ़ावा देकर स्कूल सामाजिक रूप से जिम्मेदार व्यक्तियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!