अंतर्लय का विन्यास: गगन गिल पर एकाग्र कार्यक्रम नई दिल्ली में सम्पन्न

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बीकानेर। नई दिल्ली में “माटी: प्रगतिशील चेतना की संवाहक त्रैमासिकी” के द्वारा “अंतर्लय का विन्यास: गगन गिल पर एकाग्र” का विमोचन संपन्न हुआ। इस एकाग्र में देश के 60 से भी ज़्यादा विद्वानों के लेख प्रकाशित हुए। इस विमोचन के मुख्य अतिथि समदोंग रिनपोछे थे। इस कार्यक्रम का संचालन कुसुमलता सिंह द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राधावल्लभ त्रिपाठी, रेखा सेठी एवं अश्विनी कुमार थे। इस एकाग्र का वर्गीकरण विचार व्यूह, अन्तर आकाश, आकाश में सुराख़, अन्तर्लय एवं समाहार में किया गया है। यह एकाग्र राजकीय डूँगर महाविद्यालय बीकानेर के लिये इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इसी महाविद्यालय के हिंदी विभाग के सह आचार्य डॉ ब्रज रतन जोशी इस पुस्तक के अतिथि संपादक है। इसी महाविद्यालय में अंग्रेज़ी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ दिव्या जोशी एवं अंग्रेज़ी विभाग से ही सहायक आचार्य डॉ शशि कान्त आचार्य द्वारा भी इस पुस्तक में अपने मौलिक एवं अनूदित लेखों के माध्यम से बेहतरीन साहित्यिक योगदान दिया गया हैं।

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