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आज से शुरू हो रहा उम्मीदों का नया पर्यटन सत्र, राजस्थान में दिसंबर तक 10 लाख घरेलू पर्यटकों के आने की उम्मीद

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आज से शुरू हो रहा उम्मीदों का नया पर्यटन सत्र, राजस्थान में दिसंबर तक 10 लाख घरेलू पर्यटकों के आने की उम्मीद
जयपुर: पिछले 18 महीने से कोरोना की चपेट में आए ट्रैवल ट्रेड के लिए आज से उम्मीदों का नया पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है. कोरोना के बेहतर प्रबंधन और घरेलू पर्यटकों पर फोकस कर तैयार किए कार्यक्रमों का नतीजा है कि प्रदेश में लगातार पर्यटकों में वृद्धि हो रही है. माना जा रहा है कि सर्दी का मौसम नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में पर्यटकों की आवक में और वृद्धि दर्ज की जाएगी.
दरअसल कोरोना से प्रभावित इन 18 महीनों में टूरिज्म ट्रेड से जुड़े 30 लाख से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बेरोजगार हुए, पर्यटन उद्योग को 2000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ, दो हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी पर्यटन इकाइयां बंद हो गई और 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय टूरिज्म इवेंट, मेले उत्सव भी इन 18 महीनों में कोरोना की भेंट चढ़ गए. दुनिया भर में हमारी ब्रांड एंबेस्डर के तौर पर मशहूर विश्व की 10 श्रेष्ठ लग्जरी टूरिस्ट ट्रेनों में शुमार पैलेस ऑन व्हील्स भी कोरोना की चपेट में आकर पिछले 18 महीने से ट्रैक पर नहीं आ पाई. सैकड़ों होटल, मोटल और रिसॉर्ट्स प्रबंधन द्वारा स्टाफ को घर भेजना पड़ा.
पिछले 2 महीने में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ:
कोरोना के चलते भय के इस माहौल में भी राज्य की गहलोत सरकार ने शानदार कोरोना प्रबंधन तो किया ही साथ ही पर्यटन उद्योग को भी टूटने से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए. ट्रैवल ट्रेड को विभिन्न रियायत दी गई, लोक कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई, हाथी महावत, गाइड, टैक्सी ऑपरेटर सभी को निराशा और भय के इस माहौल से निकालने के लिए सरकार के प्रयास कारगर साबित हुए. नतीजा बड़ा ही उत्साहजनक रहा और आशा जनक भी. पिछले 2 महीने में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ. एक भी पर्यटक इस दौरान कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया. जिन स्मारकों पर सन्नाटा पसरा हुआ था वहां अब पावणो की पदचाप सुनाई देती है. हालांकि अभी 30 सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक है लेकिन राज्य सरकार की नीति के अनुरूप घरेलू पर्यटकों पर फोकस किया जा रहा है. दिसंबर तक प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा घरेलू पर्यटक आने का अनुमान है.
आज से शुरू हो रहे पर्यटन सत्र से टूरिज्म ट्रेड को बड़ी उम्मीदें:
ऐसे में आज से शुरू हो रहे पर्यटन सत्र से टूरिज्म ट्रेड को बड़ी उम्मीदें हैं. कोरोना के चलते बदलते टूरिज्म ट्रेंड में नेचर टूरिज्म और वाइल्डलाइफ टूरिज्म ने बाजी मार ली है. अधिकतर पर्यटक नेचर की तरफ मुड़े हैं यही कारण है कि जंगल जंगलात और प्रकृति के बीच बसे रिसोर्ट में पर्यटकों की हलचल देखी जा सकती है. टाइगर सफारी, लेपर्ड सफारी और अन्य वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में भी पर्यटकों की भरमार दिखाई देती है. देव दर्शन के लिए भी लोग त्योहार पर प्रमुख मंदिरों में पहुंच रहे हैं.
सरकार द्वारा किए गए प्रयास रंग ला रहे:
पर्यटन निदेशक निशांत जैन का कहना है कि सरकार द्वारा किए गए प्रयास रंग ला रहे हैं, उम्मीद है सर्दियां नजदीक आते-आते पर्यटन एक बार फिर परवान पर होगा. पुरातत्व विभाग के निदेशक प्रकाश चंद शर्मा का भी कहना है कि स्मारकों पर कोविड-19 के चलते माकूल व्यवस्था की गई है. पर्यटकों को हम सुरक्षित माहौल दे रहे हैं, यही कारण है कि प्रदेश में इस दौर में भी पर्यटन अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सितंबर की 1 तारीख से शुरू हो रहे हैं इस पर्यटन सत्र से पर्यटन के पायोनियर राजस्थान को बड़ी उम्मीदें हैं. यही कारण है कि प्रदेश के एक-एक स्मारक से एक ही आवाज सुनाई देती है और वो है ‘पधारो म्हारे देश.’

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