जिनके जीवन कार्य पर एड फिल्म आ रही है, ऐसी विश्व विख्यात बैंबू शिल्पी मिनाक्षी मुकेश वालके की कलाकृति इंग्लैंड की एम्बेसी में पहुंच गई है. मिनाक्षी द्वारा बनाई गई बैंबू की गणेश प्रतिमा और तिंरगा ध्वज इंडियन हाय कमीशन के डिप्टी सुजीत घोष को प्रदान की गई. लंदन में 21 अगस्त को हुए कार्यक्रम में डिप्टी हाय कमीशन घोष को यह दो कलाकृतियां भेट की गई.

आजादी के अमृत महोत्सव पर हाय कमीशन ऑफ इंडिया ने लंदन शहर में एक मेला आयोजित किया था. इस मेले में महाराष्ट्र मंडल लंदन के माध्यम से ग्लोबल बाप्पा की मिनाक्षी खोडके ने हिस्सा लिया था. उन्होने यह भेट प्रदान की. साथ ही एक पत्र भी दिया. द बैंबू लेडी ऑफ महाराष्ट्र के नाम से मशहूर मिनाक्षी मुकेश वालके ने वंचित और आदीवासी महिलाओ के लिए सार्थक कार्य किया है. अब तक 200 से ज्यादा महिलाओं को वह बैंबू कला सीखा चुकी है. आदिवासियों की बैंबू क्वीन कही जाने वाली मिनाक्षी ने बैंबू कला में अपनी वैश्विक पहचान बनाने के बाद देश भर में अपना हुनर सिखाने का संकल्प लिया. गुजरात, झारखण्ड, अरूणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों में उनके शिविर लग रहे है. गौरतलब है कि मिनाक्षी वालके को इजराइल के जेरूसलम में एक आर्ट स्कूल में भी पढ़ाने का निमंत्रण मिल चुका था. कनाडा के वुमन हीरो अवार्ड समेत कई राष्ट्रिय व अंतर राष्ट्रिय पुरस्कारों से सम्मानित मिनाक्षी पर सरकारी प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न भी शामिल हो चुका है. एम्बेसी में उनकी कलाकृति के संबंध में उन्होने कहा कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं आत्मनिर्भर बने, बांस की खेती से किसान समृद्ध हो, ग्लोबल वार्मिंग से निजात मिले इन उद्देशों को सफल बनाने में यह सहायक होगा.













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