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भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली के लिंगभेदी और अमर्यादित बयान पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) का कड़ा विरोध…

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बीकानेर।अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव डॉ. सीमा जैन ने राजस्थान विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान वैर (भरतपुर) से भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली द्वारा दी गई टिप्पणी को महिलाओं का अपमान और सामंती मानसिकता का प्रतीक बताते हुए इसकी तीखी आलोचना की है।
​डॉ. सीमा जैन ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा सदन के भीतर बजट की तुलना ‘छोरा-छोरी’ (बेटा-बेटी) के पैदा होने से करना और ‘छोरी’ (बेटी) होने को विफलता या विपक्ष में बैठने का कारण बताना अत्यंत शर्मनाक है। यह बयान न केवल लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देता है, बल्कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे सरकारी नारों की पोल भी खोलता है। विधायक का यह कहना कि “छोरा पैदा होने पर ही काम आता है” और “छोरी पैदा होने पर विपक्ष में बैठना पड़ता है”, समाज में बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच को पुख्ता करता है। विधानसभा जैसे पवित्र मंच से इस तरह की द्विअर्थी और पितृसत्तात्मक भाषा का प्रयोग राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति और लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है। जहाँ एक ओर महिलाएँ हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं, वहीं सत्ताधारी दल के विधायक का यह नजरिया महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवालिया निशान लगाता है। ऐसे में जनवरी महिला समिति यह मांग करती है कि ​भाजपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री इस मामले पर संज्ञान लें और विधायक के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। ​विधानसभा अध्यक्ष इस अमर्यादित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाते हुए विधायक को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए निर्देशित करें।
​अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति स्पष्ट करती है कि यदि इस तरह की महिला-विरोधी मानसिकता पर लगाम नहीं लगाई गई, तो संगठन पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेगा।

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