इको फ्रेंडली गणेश का पार्थिव स्वरूप का विसर्जन

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर। गणेश चतुर्थी के दिन स्थापित किए गणेश जी का पार्थिव स्वरूप अगले ही दिन यानी कि डेढ़ दिन बाद भी विसर्जन किया जा सकता है गणेश पूजा करने के बाद प्रतिमा को अगले पहर दोपहर के बाद इसीलिए इसे डेढ़ दिन के बाद विसर्जन कहा जाता है कुछ लोग तीन दिन 5 दिन 7 दिन और अनंत चतुर्दशी तक अधिकांश सभी जगह पर विसर्जन कर दिया जाता है.।
इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा का घर में ही विसर्जन गणेश जी घर में ही सदैव विराजमान रहे सुख शांति रिद्धि सिद्धि का वैभव बना रहे इसी उद्देश्य से घर में गणेश चतुर्थी के दिन विराजित किए गए इको फ्रेंडली गणेश जी के पार्थिव स्वरूप को पूजा अर्चना कर शुद्ध जल में विसर्जित कर दिया गया.!

Categories:
error: Content is protected !!