वंशिका आर्ट्स एजुकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी एक सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्वयंसेवी संस्था है।
एनजीओ की संस्थापक और निदेशक के रूप में, श्रीमती पूजा मक्कड़ की कड़ी मेहनत और समर्पण के परिणाम के रूप में, संस्था सफलतापूर्वक काम कर रही है और लगातार मानवता की सेवा करने के लिए नए आयाम खोज रही है।संस्था का सृजन 2007 के माह जुलाई को हुआ ।संस्था मानवीयता एवं सवेदना के मध्य एक कड़ी बन गयी जो आम आदमी के दर्द को जानने और पहचानने लगी ! उनके दर्द और पीड़ा को महसूस कर संस्था ने सवर्प्रथम थैलेसीमिया पीड़ित बच्चो के विकास के लिए निःस्वार्थ भावना से कार्य करना प्रारम्भ किया ! लगातार थैलेसीमिया बच्चो की ज़िन्दगी बचाने विशाल रक्तदान शिविरों के साथ-साथ इन बच्चो के लिए निःशुल्क दवाइया चिकित्साह हेल्थ केम्प आवश्यक जांचे जैसे फेरेटिन टेस्ट,स्टार टीटू एम आर आई,टेस्ट वस्त्र तकनीकी उपकरण,शिक्षा पोष्टिक आहार,एवं मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा किया जाने लगा ! धीरे धीरे विस्तार के क्रम में मानसिक विमंदित बच्चों को,कच्ची बस्ती, अनाथ,जरूरतमंद कमजोर एवं गंभीर रोगों से पीड़ित बच्चो एवं महिलाओ को सेवा के लिए निरंतर रूप से कार्य करना प्रारम्भ किया गया !
संस्था के संवेदनशील रचनात्मक एवं परोपकारी कार्यो को देखकर लोग जुड़ते गए और कारवाँ बनता गया ! और सभी निःस्वार्थ भाव से संस्था के साथ कदम से कदम बढाकर कार्य किया और संस्था का पंजीकरण 2011 में कराया गया ताकि संस्था को आर्थिक मदद उपलब्ध हो सके !
संस्था के कार्य :-कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना,महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाना,मासिक धर्म स्वच्छ्ता अभियान चलाना, लड़कियों महिलाओ को सेनेट्री नेपकिन निःशुल्क वितरण करना थैलेसीमिया बच्चो को ज़िन्दगी देंने के लिए विशाल रक्तदान शिवरो का आयोजन करना,थैलेसीमिया की रोकथाम के लिए प्रचार प्रसार व जागरूकता अभियान चलाना,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,बाल मजदूरी व बाल विवाह रोकथाम,वृक्षारोपण आदि जागरूकता अभियान चलाना,जरूरतमंद परिवारों को हर माह राशन किट एवं भोजन वितरित करना ,निर्धन व असहाय प्रतिवाभान बच्चो को शिक्षा में मदद करना व समय समय पर उन्हें स्कूल बैग,स्कूल ड्रेस, स्टेशनरी,साइकिलें,कप्यूटर आदि वितरित करना उनके मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम खेलकूद प्रतियोगिताएं व चेरिटी कार्यक्रमो का आयोजन करना ! महिलाओ को क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना ! इन मासूम बच्चो के साथ भारतीय त्योहारों को धूमधाम से मनाना एवं उनकी इच्छानुसार उन्हें उपहार वितरित करना ! ऐसे समस्त सामाजिक एवं परोपकारी कार्य करना जिसकी समाज को अति आवश्यकता है।












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