एनआरसीसी में काव्य पाठ दौरान गूंजी स्वर लहरियां

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बीकानेर। भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसन्धान केन्‍द्र, बीकानेर में मनाए जा रहे हिन्‍दी चेतना मास के तहत आज दिनांक को कविता पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें कवियों के रूप में श्री बुनियाद हुसैन ‘जहीन’ ने अपनी गजल गायकी से समां बांध दीं वहीं मायड़ भाषा के कवि श्री शंकरसिंह राजपुरोहित ने ‘ऊंट मिठाई इस्त्री सोनो गेणों साह पांच चीज पिरथी सिरै वाह बीकाणा वाह’ व ‘खेजड़ी की ख्यात’ रचना सुनाते हुए सभी का दिल जीत लिया । श्री श्याम ‘निर्मोही की ‘मेरे प्यारे रविवार, ‘पिताजी’ व ‘बचपन की घडि़यां’ रचनाएं सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो उठे।
इस अवसर पर केन्द्र के निदेशक व कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.आर्तबन्‍धु साहू ने कहा कि केन्‍द्र में हिन्दी चेतना मास तहत हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने के प्रयोजनार्थ आयोज्‍य ऐसे कार्यक्रम इसे सार्थकता प्रदान कर रहे हैं। उन्‍होंने ऊँट प्रजाति पर रचे-बसे लोक गीतों, कथाओं, कहानियों, मुहावरों आदि के महत्व एवं इनकी उपयोगिता की सराहना करते हुए केन्द्र प्रकाशनों में इन्हें प्राथमिकता प्रदान किए जाने पर जोर दिया।
कविता पाठ में केन्द्र की ओर से डॉ.आर.के.सावल, डॉ. बसंती ज्योत्सना, डॉ.सागर खुलापे ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की वहीं कार्यक्रम संचालन में डॉ.राकेश कुमार पूनियां, डॉ.विनोद कुमार यादव एवं श्री मोहनीश पंचारिया ने सहयोग प्रदान किया। राजभाषा नोडल अधिकारी डॉ.राजेश कुमार सावल ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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