एशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में सप्त शक्ति कमांड की आर्टिलरी रेजिमेंट द्वारा आयोजित ट्रेनिंग कैंप में टैंकों और आर्टिलरी गन की प्रशिक्षण गतिविधियों से थर्राया थार

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बीकानेर।एशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में सप्तशती कमांड तथा आर्टिलरी रेजिमेंट के संयुक्त तत्वावधान में अधिकारियों एवं सैनिकों द्वारा टैंकों, आर्टिलरी गन और प्रशिक्षण गतिविधियों के वार्षिक ट्रेनिंग प्रदर्शन कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
इस ट्रेनिंग कैंप में भारत के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों से बलों द्वारा प्रशिक्षण, फील्ड फायरिंग रेंज के लेआउट और इलाके के साथ-साथ बख्तरबंद, आर्टिलरी और इन्फैंट्री के विभिन्न उपकरणों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में प्रशिक्षण में शामिल लेफ्टिनेंट कर्नल मृदुल ने बताया कि आज इस ट्रेनिंग कैंप का एक विशेष आकर्षण 9 वज्रा का फायर और मोबिलिटी रहे। इसके बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके आने से इंडियन आर्टिलरी और आर्मी की फायर पावर में बहुत इजाफा हुआ है ।यह एक सेल्फ प्रोफाइल ट्रैक्ड फुली ऑटोमेटिक गन सिस्टम है। इससे इंडियन आर्टिलरी की फाइटिंग एबिलिटी तथा सर्व एबिलिटी ऑफ क्रू में इजाफा हुआ है तथा इसकी अधिकतम मारक क्षमता रेंज 40 किलोमीटर है जिससे भारतीय आर्टिलरी और आर्मी को बहुत फायदा हुआ है।
इस दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल अमिताभ शर्मा ने बताया कि सत्य शक्ति कमांड की आर्टिलरी रेजिमेंट के वार्षिक ट्रेनिंग कैंप में तमाम सैनिकों को अपनी कौशल तथा क्रू ड्रिल्स को निखारने का
मौका मिलता है। इससे सैनिकों को ट्रेनिंग का अवसर प्राप्त होता है तथा भारतीय सैन्य शक्ति द्वारा नवीन उपकरणों के इस्तेमाल में दृढ़ता आती है। इस ट्रेनिंग कैंप में विभिन्न सैन्य उपकरणों सहित 130mm की गन तथा 105mm की गन का भी परीक्षण प्रदर्शन किया गया।

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