कुम्हार समाज की संस्था श्री कुम्हार महासभा की चुनाव प्रक्रिया का संस्था के मतदाताओं ने किया विरोध

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बीकानेर। कुम्हार समाज की संस्था श्री कुम्हार महासभा के चुनाव प्रक्रिया का संस्था के मतदाताओं ने विरोध किया है।
कुम्हार समाज के बुद्धिजीवी एवं गणमान्य लोगों की आज एक अति आवश्यक बैठक रखी गई इस बैठक में श्री कुम्हार महासभा के अध्यक्ष चुनाव को लेकर कथित कोर कमेटी की कार्यप्रणाली पर विचार विमर्श हुआ।
बैठक में सभी प्रबुद्ध जनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया की समाज में यह जो कोर कमेटी बनी हुई है इस कमेटी की श्री कुम्हार महासभा के अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण एवं असंवैधानिक है।
जिस श्री कुम्हार महासभा रजिस्टर्ड संस्था है तथा इसके 10,000 हजार मतदाता सदस्य है।
उस संस्था के अध्यक्ष का चुनाव किसी भी अन्य अलग संस्था के 10 या 15 लोग मिलकर नहीं कर सकते।
समाज की इस कथित “कोर कमेटी” के चंद 10-15 लोग अपनी जीद और निजी स्वार्थ की वजह से समाज की एक गौरवशाली और शानदार संस्था का अस्तित्व खत्म करने में लगे हुए हैं ।
समाज के विभिन्न जागरूक लोगों के बार-बार आग्रह करने के बावजूद भी यह कोर कमेटी अपने कृत्यों से बाज नहीं आ रही है। अतः आज सर्व सहमति से यह निर्णय पारित किया गया है कि कल दिनांक 23 सितंबर 2022 को श्री कुम्हार महासभा के जो लोग ₹50 देकर सदस्य बने उन लोगों की बैठक बुलाई जाए और उस बैठक में कोर कमेटी को बेदखल कर संवैधानिक रूप से चुनाव प्रक्रिया शुरू की जावे। इस बैठक में पार्षद प्रत्याशी गणपत मंगलाव, पार्षद मानिक लाल माहर, बजरंग लाल, बजरंग लाल मंगलाव, देवकिशन बोबरवाल,लक्ष्मी नारायण गेदर, लक्ष्मी नारायण मां, सुरेश कुमार, नथमल गेदर, भंवरलाल मंगलाव, श्रवण कुमार,भंवर लाल, किशन लाल, रुपाराम, मेघाराम प्रजापत, जैसा राम रामलाल गैदर, शिवलाल, भगवानाराम प्रजापत, जेठाराम, हीरालाल, राजकुमार, बाबूलाल आदि समाज के प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे।

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