केंद्र सरकार द्वारा जारी नवीन गाइडलाइन में राष्ट्रीय निर्देशों का पूरे देश में कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अनुसार सभी जिला मजिस्ट्रेट उपरोक्त उपायों को सख्ती से लागू करेंगे। सामाजिक दूरी को लागू करने के लिए, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारें, जहां तक संभव हो, 973 की आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के प्रावधानों का उपयोग कर सकती हैं।
इन उपायों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधान के तहत कार्यवाही की जा सकती है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई और लागू होने वाले अन्य कानूनी प्रावधानो के तहत सजा दी जा सकती है।
शेष जिलों को कम साप्ताहिक मामले की सकारात्मकता या अपेक्षाकृत कम बिस्तर अधिभोग (ऑक्सीजन) के आधार पर उच्च स्तर की छूट की अनुमति दी जा सकती है।
जबकि उच्च साप्ताहिक मामले या सकारात्मकता या उच्च बिस्तर अधिभोग वाला जिला (ऑक्सीजन
और आईसीयू बेड) को गहन निगरानी की आवश्यकता होगी और इसलिए राज्य इन जिलों के लिए नोडल अधिकारी के रूप में राज्य मुख्यालय से एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त करने पर विचार कर सकता है।
साथ ही जिला नोडल अधिकारी नए मामलों के समूह की पहचान करने और उच्च मामलों की रिपोर्ट करने वाले क्षेत्रों में गहन कार्रवाई सहित आवश्यक रोकथाम गतिविधियों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर / नगर आयुक्त के साथ समन्वय में काम करेगा।इस हेतु एक बार लगाए गए प्रतिबंध न्यूनतम 14 दिनों की अवधि के लिए लागू रहेंगे ।जिले के शेष क्षेत्रों में जो नियंत्रण कार्रवाई के तहत नहीं हैं वहां सामान्य स्थिति रहेगी।












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