NATIONAL NEWS

कोविड-19 में बेसहारा हुए बच्चों एवं विधवा महिलाओं के प्रस्ताव भिजवाएं-मेहता

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर, 30 जून। जिला कलक्टर नमित मेहता ने जिले के उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए है कि कोरोना महामारी के दौरान बेसहारा हुए बच्चों व विधवा महिलाओं के प्रस्ताव गुरूवार की शाम तक जिला प्रशासन को भेजे ताकि योजना का लाभ दिया जा सके।
मेहता ने बुधवार को वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी, खाद्य विभाग, वन विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग व  चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सामाजिक पेंशन योजना, कोविड-19 टीकाकरण, औषधीय पौधों के वितरण, खाद्य सुरक्षा योजना आदि की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारी व विकास अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान बेसहारा हुए बच्चों व विधवा महिलाओं के लिए सहायता पैकेज की घोषणा की है। साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना बाल कल्याण योजना की घोषणा की है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपखण्ड अधिकारी पात्र लोगों को भुगतान की कार्यवाही के लिए गुरूवार की शाम तक प्रस्ताव भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल की सूची के अतिरिक्त भी अगर ध्यान में हो, जिसकी कोरोना से मृत्यु हुई है, उसकी पात्रता की जांच कर, प्रस्ताव में उन्हें भी शामिल करें।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता का निधन कोरोना बीमारी से हुआ है, उन्हें पहली बार में एक लाख की आर्थिक सहायता और फिर प्रतिमाह 2500 रुपये की मदद दी जाएगी। इन बच्चों की 18 साल की उम्र पूरी होने पर एकमुश्त पांच लाख की मदद भी दी जाएगी। इन बच्चों की 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई आवासीय स्कूल में निशुल्क करवाई जाएगी। बेरोजगार युवाओं को भत्ता भी दिया जाएगा। कोरोना से जिन महिलाओं के पति की मौत हुई है, उन्हें एकमुश्त एक लाख की आर्थिक सहायता देने के साथ ही प्रतिमाह 1500 की पेंशन दी जाएगी। ये पेंशन सभी उम्र की विधवा महिलाओं को मिल सकेगी। इन विधवा महिलाओं के यदि बच्चे हैं तो उनके लिए अलग से 1000 की सहायता हर महीने दी जाएगी। इन बच्चों को ड्रेस खरीदने के लिए सालाना 2000 रुपये की मदद की जाएगी। अतः संबंधित अधिकारी संवेदनशीलता के साथ पात्र लोगों की जांच करते हुए प्रस्ताव भिजवाना सुनिश्चित करें।
उन्हांेने विभिन्न सामाजिक पेंशन योजनाओं की समीक्षा की और विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनिआॅर्डर के जरिये जिन्हें पेंशन का भुगतान हो रहा है, उनके खाते बैंक में खुलवाएं जाए।  
जिला कलक्टर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 18 मई 2020 तक जिन लोगों ने अपने नाम योजना में जोड़ने के लिए अपील कर रखी है, उन प्रकरणों पर सुनवाई कर, पात्र लोगों के नाम जोड़े। उन्होंने कहा कि योजना के तहत नए नाम नहीं जुड़ेंगे, इसका प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए पेण्डिग अपीलों का 10 जुलाई तक निस्तारण करें। यदि कोई पात्रता रखता है, एनएफएसए में उनका नाम जोड़े।
उन्होंने औषधीय पौधों के वितरण के लिए की जा रहीे तैयारियों के बारे में उपखण्डवार फीड बैक लिया और निर्देश दिए कि वन विभाग के अधिकारियों से समन्वय बनाकर, औषधीय पौधे वितरण के लिए कार्य योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 4 लाख परिवारांे को औषधीय पौध दी जानी है। इसके लिए नर्सरी के अनुसार गांव तय किए जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए वन विभाग के सहयोग के लिए बीएलओ, आशा, आयुर्वेद विभाग सहित अन्य विभागों को जोड़ा जाए।
जिला कलक्टर ने जिले को प्राप्त कोरोना टीका की तुलना में हुए टीकाकरण पर संतोष जताया और निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण के लिए राजस्व गांवों में शिविर आयोजित कर,टीकाकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के टीके मिलने पर प्रत्येक ब्लाॅक में एक मोबाइल वैन लगाकर टीकाकरण करवाया जायेगा।
वीसी में बीकानेर में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेवराम धोजक, एडीएम सिटी अरूण प्रकाश शर्मा, मुख्यकार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ओम प्रकाश, आयुक्त निगम ए.एच.गौरी, प्रशिक्षु आईएएस सिद्धार्थ, जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, जिला रसद अधिकारी ग्रामीण भागूराम मेहला, उप निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एल.डी.पंवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.ओ.पी.चाहर, आरसीएचओ डा. राजेश गुप्ता सहित ब्लाॅक से संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, विकास अधिकारी शामिल हुए।


FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

error: Content is protected !!