क्यूं भूल रैया निज भाषा नै, आ मायड़ राजस्थानी है,’पगां उबाणा’ मायड़ भाषा की मान्यता का संकल्प लेकर निकले युवा

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श्री शिव मंदिर में सम्पन्न हुआ ‘उच्छब सत्कार’ कार्यक्रम



लूणकरणसर,14 जनवरी। कड़कड़ाती सर्दी में नंगे पांव चलना, बेहद कठिन काम है पर इस काम को सच कर दिखाया है कुछ युवाओं ने। मायड़ भाषा को उचित मान दिलवाने के लिए ‘पगां उभाणा’ पद यात्रा पर निकले इन युवाओं के सामने इक्यावन गांव, एक लाख से अधिक हस्ताक्षर करवाने का कठिन संकल्प है। राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए बीड़ा उठाकर निकले ये युवा रविवार को लूणकरणसर पहुंचे। लूणकरणसर स्थित श्री शिव मंदिर, काळू रोड़ में इनके सम्मान में ‘उच्छब सत्कार’ कार्यक्रम रखा गया। इस अवसर पर अपने संकल्प पर प्रकाश डालते हुए सुदेश राजस्थानी ने कहा कि हमारा संकल्प एक लाख से अधिक के हस्ताक्षर के साथ समस्त गांवों में जाकर लोगों को मातृ भाषा के लिए जागरूक करने का भी है। सुदेश ने बताया कि ग्यारह जनवरी को शुरू हुई यात्रा तीस जनवरी को श्रीडूंगरगढ़ में सम्पन्न होगी। सुदेश के साथ नंगे पांव निकले मदनदान दासोड़ी राजू नाथ राजस्थानी ने भी अपनी मायड़ भाषा के प्रति पीड़ा को बयां किया। इस अवसर पर साहित्यकार राजूराम बिजारणियां ने कहा कि जिस देश, समाज की मातृ भाषा को मान नहीं मिले उससे बड़ी पीड़ा ओर नहीं हो सकती। बिजारणियां ने राजस्थानी मान्यता के लिए हर सम्भव प्रयास हेतु उपस्थितजनों से कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया। शीशपाल खिलेरी ने इस बात का भरपूर समर्थन किया। पद यात्रा में आए रामावतार शर्मा, रामकुमार रोवणजोगा ने इस यात्रा के अनुभव साझा किए। शिक्षाविद मोटाराम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मोटाराम चौधरी, परताराम सींवर, सोहनलाल झोरड़, बालूराम गाट,भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड भारत सरकार के मानद प्रतिनिधि श्रेयांस बैद, हुणताराम सारण, रामजीलाल घोड़ेला, रतिराम सारण, सत्यनारायण गोदारा, जगदीश कूकणा, सावन्तराम पचार, नत्थीराम सींवर, नेतराम भुंवाल, कुम्भाराम गोदारा, गोविंदराम गोदारा, पूर्णाराम गोदारा, महावीर धतरवाल, चुनीलाल कालेरा, किशन मालिया, सहित समस्तजनों ने युवा टीम का स्वागत करते हुए, इस संकल्प को राजस्थानी भाषा हेतु महत्वपूर्ण काम बताया। युवा गायक अजय थोरी ने राजूराम बिजारणिया के गीत ‘छांव सरीखी बेटी है’ सुनाकर सबकी आंखे नम कर दी। कार्यक्रम के दौरान पद यात्रा में शामिल सदस्यों का साफा एवं माला पहनाकर स्वागत किया।
इससे पूर्व लूणकरणसर की ग्रामोत्थान विद्या निकेतन स्कूल में भी स्वागत सत्कार कार्यक्रम रखा गया जहां यात्रा संयोजक रामावतार उपाध्याय, स्कूल प्रबंधक मनोज शर्मा, स्वरूप पंचारिया, राजू कायल, कुलदीप पारीक, मांगीलाल बिश्रोई, हनुमान पंचारिया, गणपत सुथार सहित राजस्थानी मोट्यार परिषद के प्रशान्त जैन, महेंद्र राव, संपत सिंह, रवि स्वामी, हुकमाराम, अमिताभ, अशरफ, नाजिर इत्यादि उपस्थित रहे।

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