खान क्षेत्र में खनिजों के खनन/दोहन की प्रक्रिया का किया निरीक्षण

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बीकानेर, 4 सितम्बर। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अति. मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल, खान एवं भूविज्ञान विभाग के निदेशक डॉ के. बी. पण्ड्या, अधीक्षण अभियन्ता खनिज राजीव चौधरी, खनिज अभियन्ता आर.एस. बलारा ने शनिवार को नाल में सुनील चौधरी के नाम से स्वीकृत एवं प्रभावशील खनन पट्टा खनिज बजरी, वालक्ले, सिलिका सेंड, ग्रेवल एवं मुर्रम आदि खनन पट्टों का निरीक्षण किया गया। जिले में बजरी का दोहन नदी नालों से नहीं होता, पेलियो चैनल के रूप में निकालते हैं। (जिले में बजरी का जमाव क्षेत्र भूमिगत भण्डार के रूप है)
निरीक्षण के दौरान खान क्षेत्र में खनिजों के खनन/दोहन की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया। खननपट्टा क्षेत्र से निकलने वाली क्ले को गुणवत्ता के आधार पर छंटाई कर बाहरी राज्यों में मांग के आधार पर सप्लाई की जाती है। खनन पट्टा क्षेत्र के पास खनिज बजरी व सिलिका सेन्ड के वॉशिंग प्लान्ट का भी निरीक्षण किया। वॉशिंग प्लान्ट में खनिज बजरी की वॉशिंग व छंटाई(ग्रेडिंग) का काम होता हैं। खनन पट्टा क्षेत्र में निकलने वाली सिलिका सेन्ड वांशिंग के बाद बडे उद्योगों में काम में ली जाती है। खनन क्षेत्र में सुरक्षा के सम्पूर्ण मापदण्डों का निरीक्षण किया, जो सही पाया गया। खान पर निरीक्षण प्रतिनिधि मोहित बैद मिले। मोहित बैद ने खान के सम्पूर्ण दस्तावेजों एवं खनन प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया।
खनन पट्टा के पास स्थित तुलायंत्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें वाहन की कैमरे में फोटो, किये गये वजन व कैमरे का निरीक्षण किया गया। खनन क्षेत्र में पूर्व किए गए वृक्षारोपण का निरीक्षण किया गया तथा वृक्षारोपण भी किया गया।

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