ग्रामीण आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना नाबार्ड का लक्ष्य:- मुख्य महाप्रबंधक

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बीकानेर। बैंको द्वारा किसानों को अकृषि ऋणों को सुलभ बनाने का प्रयास करना चाहिए
नाबार्ड द्वारा जिले में किसानों तथा गैर कृषि व्‍यापारियों को बैंकों के साथ जोडने के लिए जिला स्‍तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ नाबार्ड के मुख्‍य महाप्रबंधक श्री राजीव सिवाच द्वारा किया गया जिसमें उन्‍होने सभी बैंको को किसानों को केसीसी से इतर अन्‍य समयबद्व ऋण उपलबध करवाने के लिए प्रेरित करते हुए बैंकों को किसानों तथा अकृषि व्‍यापारियों के करीब लाने के लिए कार्यशाला के माध्‍यम से जोर दिया. कार्यक्रम के दौरान सभी केनरा बैंक क्षेत्रीय प्रबंधक श्री ज्ञानरंजन द्वारा बैंकों द्वारा भारत सरकार की योजनाओं को क्रियान्विती में अपनी सहभागिता बढाने के लिए कहा. इस अवसर पर बैंक आफ बडौदा, केनरा बैंक, भारतीय स्‍टेट बैंक, राजस्‍थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, दी राजस्‍थान स्‍टेट को-आपरेटिव बैंक तथा बीकानेर केन्‍द्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधको द्वारा सहभागिता कर योजनाओं की जानकारी प्राप्‍त की।


बीकानेर दौरे के अवसर पर मुख्‍य महाप्रबंधक द्वारा किसानों तथा स्‍वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी अत्‍मनिर्भर बनने के लिए आजीविकोपार्जन की गतिविधियों में शामिल होने के लिए आयोजित कार्यक्रम का भी उदघाटन किया. श्री राजीव सिवाय द्वारा एसएचजी के माध्‍यम से आजीविका उघम विकास कार्यक्रम के अंतर्गत स्‍थापित की गई मसाला यूनिट का दौरा करते हुए इसके व्‍यवार की संभावनाओं को स्‍वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए अचूक अवसर बताया. इस अवसर पर राजीविका से श्री राजेन्‍द्र विश्‍नोई व नाबार्ड से जिला विकास प्रबंधक रमेश ताम्बिया द्वारा भी विचारो का आदान प्रदान किया गया.

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