ग्रामीण विकास-पंचायत राज की योजनाओं के क्रियान्वयन में श्रीडूंगरगढ़ अव्वल, बीकानेर सबसे पीछे ,कलक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित

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ग्रामीण विकास-पंचायत राज की योजनाओं के क्रियान्वयन में श्रीडूंगरगढ़ अव्वल, बीकानेर सबसे पीछे
कलक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित
बीकानेर, 7 मई। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर निर्धारित रैंकिंग में श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति को पहला स्थान प्राप्त हुआ है। मासिक रैंकिंग में गत माह श्रीडूंगरगढ़ सातवें नंबर पर था। वहीं ताजा रैंकिंग में बीकानेर पंचायत समिति सबसे निचले पायदान पर है।
जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने शनिवार को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा और पंचायती राज से जुड़ी कार्यों के क्रियान्वयन के कुल 40 अंक (प्रत्येक बिंदु के दस-दस अंक) निर्धारित किए गए। इनमें सर्वाधिक अंक श्रीडूंगरगढ़ को प्राप्त हुए। इस माह की रैंकिंग में नोखा दूसरे, बज्जू खालसा तीसरे, लूणकरणसर चौथे, श्रीकोलायत पांचवे, खाजूवाला छठे, पांचू सातवें, पूगल आठवें और बीकानेर नौंवें स्थान पर रहा। जिला कलक्टर ने निचले पायदानों पर रहने वाली पंचायत समितियों को अधिक गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
शत प्रतिशत महिला मेट नियोजित
जिले ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ओर उपलब्धि हासिल की है। चालू पखवाड़े में मनरेगा के तहत शत-प्रतिशत महिला मेट नियोजित किए गए हैं। जिला कलक्टर ने बताया कि वर्तमान में मनरेगा कार्य स्थलों पर 520 मेट नियोजित हैं। यह सभी महिला मेट हैं। किसी भी कार्य स्थल पर पुरूष मेट नहीं है। उन्होंने बताया कि चालू पखवाड़े में जिले में 1 हजार 78 सामुदायिक कार्यों पर 53 हजार 854 श्रमिक कार्यरत हैं। वर्ष 2020-21 से मनरेगा के 90.39 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के साथ बीकानेर, प्रदेश में पहले स्थान पर है।
समय पर हों एमएलए-एमपी लेड के कार्य
जिला कलक्टर ने विधायक एवं सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के स्वीकृत कार्य समय पर नहीं करने वालों के विरूद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वर्ष 2020-21 के समस्त कार्य जून तक पूरे करने के निर्देश दिए तथा कहा कि ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए चार्जशीट जारी की जाए। उन्होंने लंबित कार्यों की विभागवार समीक्षा की तथा धीमी प्रगति को गंभीरता से लिया। उन्होंने सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन, मुख्यमंत्री जिला नवाचार निधि तथा राजीव गांधी जल संचय योजना के कार्यों की समीक्षा भी की।
इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नित्या के., अधिशाषी अभियंता धीरसिंह गोदारा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल मीणा सहित सभी विकास अधिकारी और तकनीकी अधिकारी मौजूजद रहे। बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने पंचायत समिति वार कार्यों की समीक्षा की तथा लाइन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय रखते हुए गंभीरतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए।

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