घर-घर सर्वे, फोगिंग और एंटी लार्वल गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा जिला कलक्टर मेहता ने की डेंगू की स्थिति की समीक्षा

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बीकानेर, 12 अक्टूबर। डेंगू से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एन्टी लार्वल गतिविधियों तथा फोगिंग का दायरा बढाया जाएगा। जिले के तीनों नगरीय निकायों तथा सभी ग्राम पंचायतों में जागरूकता की गतिविधियां संचालित होंगी। पीबीएम प्रशासन द्वारा डेंगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों के लिए नया वार्ड प्रारम्भ किया जाएगा।
जिला कलक्टर नमित मेहता ने मंगलवार को जिले में डेंगू की स्थिति की समीक्षा के लिए कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी, कीटाणु नाशक स्प्रे छिड़काव व फोगिंग की गति बढ़ाई जाए तथा आमजन को भी घरों में विशेष सतर्कता रखने के लिए जागरूक किया जाए। शहर के प्रत्येक क्षेत्र में फोगिंग सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम द्वारा 2 फोगिंग मशीनें, अस्थाई रूप से कार्मिकों के साथ स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द की जाएगी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोगिंग का कार्यक्रम निर्धारित करते हुए, इसके अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। विभाग को इसकी दैनिक रिपोर्ट भी उपलब्ध करवानी होगी। उन्होंने कहा कि निगम और नगरीय निकाय यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी क्षेत्र में पानी रुका हुआ नहीं रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू से बचाव से सम्बंधित पेम्पलेट्स घर-घर वितरित करवाए जाएं। यह कार्य सीएचए के माध्यम से डोर टू डोर सर्वे द्वारा करवाया जाए। इस दौरान सीएचए आमजन को एंटी लार्वल गतिविधियों के बारे में भी जागरूक करें। उन्होंने पीबीएम और जिला अस्पताल में जांच, दवाइयों और प्लेटलेट्स की उपलब्धता जानी और कहा कि पीबीएम द्वारा डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए नया वार्ड प्रारम्भ किया जाए। इसमें आवश्यक स्टाफ नियुक्त करते हुए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखें, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में सहयोग के लिए सीएमएचओ द्वारा दस कार्मिक अस्थाई रूप से इस वार्ड में तैनात किए जाएंगे।
बैठक में उपनिदेशक (स्थानीय निकाय) ए एच गौरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश, निगम उपायुक्त सुमन शर्मा, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ परमिंदर सिरोही, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ओ पी चाहर, डॉ संजय कोचर, राजस्व अधिकारी जगमोहन हर्ष, जिला महामारी विशेषज्ञ नीलम प्रताप सिंह मौजूद रहे।
आमजन घरों में करें एंटी लार्वल गतिविधियाँ मिशन अगेंस्ट डेंगू को और गति देने के लिए आम जन को इस मुहीम से जुड़ते हुए एंटी लार्वा गतिविधियों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार मच्छरों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका होता है एंटीलार्वल एक्टिविटी, जिसके तहत मच्छरों को पनपने से ही रोक दिया जाता है। डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाली मादा एडीज एजिप्टी मच्छर साफ़ पानी में अंडे देती है। अण्डों से लार्वा, फिर प्यूपा बनते हैं और 7 दिन में वयस्क मच्छर बन जाता है। खुले व ठहरे हुए पानी के ऐसे जल स्रोतों को सप्ताह में एक बार अच्छे से साफ़ कर दिया जाए ताकि लार्वा से मच्छर बनने ना पाए। पानी की मटकी, चरी, टंकी एवं अन्य बर्तनों को ढक कर रखा जाये, जिससे मच्छर उनमें प्रवेश कर प्रजनन न कर सकें। पानी की मटकी व पक्षियों के लिए रखे जाने वाले परिंडों को सप्ताह में एक बार खाली कर उन्हें बर्तन साफ करने वाले झामे से रगड़ कर, साफ कर व सुखाकर मच्छर के अण्डे एवं लार्वा नष्ट कर पुनः भरा जाये। कूलर, फ्रीज के पीछे की ट्रे, गमले, फूलदान इत्यादि हेतु भी यही प्रक्रिया अपनानी जानी चाहिए। इसके साथ ही छत पर रखे टूटे-फूटे सामान, कबाड़-टायर इत्यादि को हटाकर पानी इक्कठा होने से रोका जाये।

मिशन अगेंस्ट डेंगू को और गति देने के लिए आम जन को इस मुहीम से जुड़ते हुए एंटी लार्वा गतिविधियों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार मच्छरों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका होता है एंटीलार्वल एक्टिविटी, जिसके तहत मच्छरों को पनपने से ही रोक दिया जाता है। डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाली मादा एडीज एजिप्टी मच्छर साफ़ पानी में अंडे देती है। अण्डों से लार्वा, फिर प्यूपा बनते हैं और 7 दिन में वयस्क मच्छर बन जाता है। खुले व ठहरे हुए पानी के ऐसे जल स्रोतों को सप्ताह में एक बार अच्छे से साफ़ कर दिया जाए ताकि लार्वा से मच्छर बनने ना पाए। पानी की मटकी, चरी, टंकी एवं अन्य बर्तनों को ढक कर रखा जाये, जिससे मच्छर उनमें प्रवेश कर प्रजनन न कर सकें। पानी की मटकी व पक्षियों के लिए रखे जाने वाले परिंडों को सप्ताह में एक बार खाली कर उन्हें बर्तन साफ करने वाले झामे से रगड़ कर, साफ कर व सुखाकर मच्छर के अण्डे एवं लार्वा नष्ट कर पुनः भरा जाये। कूलर, फ्रीज के पीछे की ट्रे, गमले, फूलदान इत्यादि हेतु भी यही प्रक्रिया अपनानी जानी चाहिए। इसके साथ ही छत पर रखे टूटे-फूटे सामान, कबाड़-टायर इत्यादि को हटाकर पानी इक्कठा होने से रोका जाये।

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