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जयपुर के तेल से सीता रसोई में बनेगी भोजन प्रसादी:हाथी, घोड़े और ऊंट गाड़ियों पर निकाली शोभा यात्रा, CM ने किया रवाना

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जयपुर के तेल से सीता रसोई में बनेगी भोजन प्रसादी:हाथी, घोड़े और ऊंट गाड़ियों पर निकाली शोभा यात्रा, CM ने किया रवाना

अयोध्या के लिए भेजे जाने वाले तेल के पीपों को शोभायात्रा में ऊंट गाड़ियों पर भी रखा गया था। - Dainik Bhaskar

अयोध्या के लिए भेजे जाने वाले तेल के पीपों को शोभायात्रा में ऊंट गाड़ियों पर भी रखा गया था।

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। अयोध्या आने वाले रामभक्तों और संतों की सेवा का सौभाग्य जयपुर को भी मिलने जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान सीता रसोई में बनने वाला प्रसाद जयपुर से भेजे गए तेल-घी से बनेगा। इसके लिए यहां से सरसों के तेल के 2100 पीपे अयोध्या भेजे गए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यात्रा को भगवा ध्वज दिखाकर रवाना किया।

जयपुर के चांदपोल स्थित गंगा माता मंदिर से धार्मिक यात्रा की शुरुआत हुई। धर्मयात्रा महासंघ राजस्थान प्रांत और श्याम भजन संध्या परिवार सेवा समिति की ओर से स्टेशन रोड स्थित गंगा माता मंदिर से दोपहर 12 बजे यात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट गाड़ी और पालकी के साथ बैंड बाजे को शामिल किया गया। जय श्री राम के जयकारे के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें राम दरबार के साथ ही तमाम देवी-देवताओं की झांकी सजाई गई। बग्घी पर 50 से ज्यादा संत विराजमान हुए। भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न को पालकी में बैठाकर नगर भ्रमण कराया गया।

जयपुर से 2100 तेल के पीपे अयोध्या के लिए रवाना किए हैं। इस तेल से सीता रसोई में 2 महीने तक चलने वाले भंडारे में प्रसादी तैयार होगी।

जयपुर से 2100 तेल के पीपे अयोध्या के लिए रवाना किए हैं। इस तेल से सीता रसोई में 2 महीने तक चलने वाले भंडारे में प्रसादी तैयार होगी।

सीता रसोई में इसी तेल से तैयार होगी प्रसादी
यात्रा में तेल के 2100 पीपे, 2500 कंबल और प्रसाद के 2 लाख पैकेट अयोध्या भेजे गए हैं। ट्रस्टी मनोज मोरारका ने बताया कि सीता रसोई अन्न क्षेत्र में 2 महीने तक चलने वाले भंडारे में जयपुर से भेजे गए तेल से प्रसादी तैयार की जाएगी। साथ ही जयपुर से 10 पीपे घी के भी भेजे गए हैं, जिससे हलवा तैयार किया जाएगा। अयोध्या भेजने के लिए तैयार किए गए पीपों के निर्माण में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही उन पर श्रीराम जन्म स्तुति भी अंकित की गई है।

शोभा यात्रा का व्यापारी संगठनों ने किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान संरक्षक सुरेश पाटोदिया ने बताया- प्रभु श्रीराम की असीम अनुकम्पा से छोटी काशी जयपुर के भक्तों के सहयोग से तैयार 2100 सरसों तेल के पीपों की इस भेंट को गंगामाता मंदिर चांदपोल बाजार से पूजा अर्चना के बाद श्रीराम रथ के नेतृत्व में झांकियों और महानगर के समस्त साधु-संतों और धर्माचायों के सानिध्य में और राम भक्तों की उपस्थिति में शोभा यात्रा के रूप में रवाना किया गया। यह शोभा यात्रा चांदपोल बाजार से शुरू होकर छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, रामगंज बाजार होकर सूरजपोल गेट से गलता गेट पहुंची। रास्ते में जगह-जगह व्यापारी संगठनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

यात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट गाड़ी और पालकी के साथ बैंड बाजे भी शामिल थे। रास्ते में जगह-जगह व्यापारी संगठनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

यात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट गाड़ी और पालकी के साथ बैंड बाजे भी शामिल थे। रास्ते में जगह-जगह व्यापारी संगठनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

जयपुर में हो रहा बड़ा ऐतिहासिक काम
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- आज जयपुर में बड़ा ही ऐतिहासिक काम हो रहा है। ऐतिहासिक कार्यक्रम इसलिए भी, क्योंकि 22 जनवरी को अयोध्या में जितने भी साधु संत अतिथि और रामभक्त आने वाले हैं। उनके लिए जयपुर से सीता रसोई के लिए सामग्री जा रही है। निश्चित रूप से हम बहुत ही सौभाग्यशाली हैं। इसके लिए मैं हमारे सभी आयोजकों का आभार प्रकट करता हूं। एक अच्छे काम के लिए सभी ने पहल की और आप यहां से तेल, घी समेत अन्य सामग्री सीता रसोई के लिए रवाना कर रहे हैं। मैं कह सकता हूं कि राम हमारे रोम-रोम में बसते हैं। राम हमारे आराध्य है। अयोध्या में दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक केंद्र बन रहा है। यह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है। हम राजस्थान वाले, जयपुर वाले एक अच्छे पुण्य कार्य के लिए सहभागी बन रहे हैं।

जय श्री राम के जयकारे के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें राम दरबार की झांकी भी सजाई गई।

जय श्री राम के जयकारे के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें राम दरबार की झांकी भी सजाई गई।

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