जरूरत की खबर- महिलाओं में बढ़ता ब्रेस्ट कैंसर का खतरा:घर पर करें सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन, इन लक्षणों को न करें इग्नोर

दुनिया भर में महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है- ब्रेस्ट कैंसर या स्तन कैंसर। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक वर्ष 2020 में पूरी दुनिया में 685,000 लोगों की मौत ब्रेस्ट कैंसर के कारण हुई। इस कैंसर से पीड़ित महिलाओं का रिकवरी रेट 66 फीसदी है।

आज विश्व कैंसर दिवस है। इसलिए आज जरूरत की खबर में हम बात करेंगे भारत में तेजी से फैल रहे और बड़ी संख्या में महिलाओं को अपनी चपेट में ले रहे ब्रेस्ट कैंसर की।
- ब्रेस्ट कैंसर क्या है, यह कैसे होता है?
- इसके शुरूआती लक्षण क्या हैं?
- महिलाएं घर पर ब्रेस्ट कैंसर की जांच कैसे कर सकती हैं?
एक्सपर्ट- डॉ. राजीव अग्रवाल, सीनियर डायरेक्टर, कैंसर इंस्टीट्यूट, मेदांता, गुरुग्राम।
सवाल: ब्रेस्ट कैंसर क्या होता है?
जवाब: शरीर के किसी भी हिस्से में कैंसर तब होता है, जब वहां की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। फिर ये इकट्ठा होकर ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। अगर समय पर इसका इलाज न हो तो यह ट्यूमर आसपास के हिस्सों में भी फैलने लगता है।
ब्रेस्ट कैंसर के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं-
डॉ. राजीव अग्रवाल बताते हैं कि 85 फीसदी मामलों में ब्रेस्ट कैंसर का कोई निश्चित कारण नहीं मिला है। लेकिन कुछ लाइफस्टाइल फैक्टर जरूर हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ाते हैं। जैसेकि-
- कभी प्रेग्नेंसी और चाइल्डबर्थ न होना
- पहली प्रेग्नेंसी 30 की उम्र के बाद होना
- हॉर्मोनल रिप्लेसमेंट थैरेपी
- तनावग्रस्त जीवन
- गर्भनिरोधक गोलियां
- तंबाकू और अल्कोहल का अधिक सेवन
- पारिवारिक इतिहास
सवाल: ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?
जवाब: ये बीमारी रातों-रात नहीं होती। महिलाओं का शरीर इसके संकेत बहुत पहले से ही देने लगता है, लेकिन महिलाएं इसे आम परेशानी समझकर नजरअंदाज करती हैं।
अगर शुरूआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इस बीमारी के खतरे से बचा जा सकता है। इसके लक्षणों को नीचे लगे ग्राफिक से समझते हैं-

स्तन कैंसर की स्टेज
स्तन कैंसर को चरण 0, IA, IB, IIA, IIB, IIIA, IIIB, IIIC और चरण IV में बांटा गया है। हर एक चरण कैंसर के फैलाव को दर्शाता है। अंतिम चरण मेटास्टेसिस बहुत खतरनाक है और इसमें जिंदा रहने की उम्मीद बहुत कम होती है।
महिलाओं के लिए स्तन कैंसर के शुरुआती संकेतों और लक्षणों को जानना बहुत जरूरी है ताकि जीवित रहने की दर बढ़ सके और कैंसर से पूरी तरह से बचा जा सके।
सवाल: घर में ब्रेस्ट की जांच कैसे करें?
जवाब: घर में कभी भी किसी भी समय ब्रेस्ट की जांच की जा सकती है। इसे समझते हैं-
सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन कैसे करें?
- शीशे के सामने सारे ऊपरी वस्त्र उतारकर खड़े हो जाएं।
- इसके बाद अपने हाथों को हिप्स या सिर के ऊपर रखें। फिर अपने ब्रेस्ट को हर तरफ से देखें। इस दौरान यह देखने की कोशिश करें कि ब्रेस्ट के रंग या आकार में किसी तरह का बदलाव तो नहीं है।
- देखें कि ब्रेस्ट की स्किन पर किसी तरह की सूजन या गांठ तो नहीं है।
- खासतौर पर ब्रेस्ट के निपल से चारों ओर ध्यान से देखें।
- इसके बाद ब्रेस्ट के हर हिस्से को अच्छी तरह दबाकर देखें। ब्रेस्ट सिर्फ मांसल कोशिकाओं का समूह होता है। अगर सबकुछ सामान्य है तो हर हिस्सा सॉफ्ट होगा और आसानी से दब जाएगा।
- कोई गांठ होने की स्थिति में वह अलग से छोटे कंक्रीट के टुकड़े की तरह कठोर महसूस होगी और उसे छूने पर दर्द भी हो सकता है।
- अब अपने हाथों से ब्रेस्ट को ढकें और संभव ताकत से दबाएं। इस दौरान अगर किसी तरह का दर्द महसूस हो तो डॉक्टरी सलाह जरूरी है।
- ब्रेस्ट को दबाते समय अगर किसी तरह का डिस्चार्ज हो रहा है तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
लेटकर दोहराएं यही प्रक्रिया
- सबसे पहले किसी समतल जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
- लेटने पर ब्रेस्ट के टिश्यूज फैल जाते हैं, जिससे वे पतले हो जाते हैं।
- इससे ब्रेस्ट के आसपास होने वाले बदलावों की पहचान करना आसान होता है।
- लेटने के बाद आप अपने ब्रेस्ट को छूकर गांठ, पस या फिर दर्द जैसे अनुभवों की पहचान कर सकती हैं।
30 की उम्र के बाद महिलाओं को हर दो महीने पर सेल्फ ब्रेस्ट एक्जामिनेशन जरूर करना चाहिए और किसी भी तरह का बदलाव महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
सवाल: डॉक्टर ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कैसे करते हैं?
जवाब: डॉक्टर राजीव अग्रवाल बताते हैं कि जब भी हम किसी पेशेंट को इन लक्षणों के साथ देखते हैं तो पहले कुछ इमेजिंग करते हैं। जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, मैमोग्राम।
अगर इसमें से किसी टेस्ट की रिपोर्ट में कुछ संदेहास्पद दिखे तो अगला टेस्ट होता है निडिल बायोप्सी।
बायोप्सी को लेकर लोगों की ये धारणा है कि इससे कैंसर फैल जाता है। लेकिन यह बात वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। किसी भी तरह के कैंसर का पता लगाने के लिए बायोप्सी एक जरूरी टेस्ट है। इसी से कैंसर डायग्नोसिस कंफर्म हो सकती है।
सवाल: ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी कैसे की जाती है?
जवाब: हाई रिस्क वाली महिलाओं में कैंसर को पूरे शरीर में फैलने से रोकने के लिए स्तन को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है, जिसे प्रिवेंटिव मास्टेक्टॉमी कहा जाता है। स्तन कैंसर को सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या हॉर्मोन थेरेपी से ठीक किया जा सकता है।
सर्जरी- इस ट्रीटमेंट में 2-3 सप्ताह का समय लगता है।
कीमोथेरेपी- ये ज्यादा समय लेने वाला प्रोसेस है। रिकवरी 6 महीने तक चलने वाले उपचार पर निर्भर करती है।
हॉर्मोनल थेरेपी- इस प्रोसेस में थेरेपी 5-10 साल तक चलती है।
रेडिएशन थेरेपी- इस प्रोसेस में भी कैंसर कोशिकाओं से पूरी तरह फ्री होने में 6-12 महीने लगते हैं।
सवाल: महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए अच्छी लाइफस्टाइल फॉलो करना बेहद जरूरी है। इसे नीचे लगे ग्राफिक से समझते हैं-







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