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जिला कृषि विकास समिति की हुई बैठक: : किसानों को बागवानी योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए-मेहता

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बीकानेर, 28 जून। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ फलदार पौधे लगाए जाएं तो किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। कृषि अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक जिले में बागवानी के लिए किसानों को प्रेरित करे।
मेहता सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विकास समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि फलदार खेती अपनाकर किसान अपनी जीविका चलाकर दूसरों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने सकते हैं, ऐसा संदेश किसानों तक दिया जाए। कृषि विभाग जिले के उन्नत किसानों की सफलता  प्रदर्शनी लगाकर अन्य किसानों को प्ररित करे। उन्होंने उद्यान विभाग द्वारा नवीन बगीचा स्थापना के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कर, ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में फलदार बगीचों यथा अनार, बैर, किन्नू सहित बीकानरे जिले के लिए खारे पानी में लगने वाले खजूर फल वृक्ष के लिए किसानों को प्रोत्साहित करे।
जिला कलक्टर नेे जिले में ग्रीन हाउस के बारे में जाना और निर्देेश दिए कि संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन हाउस की  स्थापना के लिए किसानों को प्रोत्साहित करे। इस पर अनुदान का भी प्रावधान किया गया है। जब उनके ध्यान में लाया गया कि जिलेे में कुछ किसान अंजीर फल वृक्ष का बाग लगाना चाहते है और यह पौधा बागवानी की सूची में नहीं है, तो उन्होंने निर्देश दिए कि इसके प्रस्ताव बनाकर दिए जाए। उन्होंने स्वामी केशवानन्द कृषि विश्व विद्यालय बीकानेर एवं केन्द्रीय शुष्क बागवानी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों से अंजीर की जिले में इसके उत्पादन की संभावना पर अनुसंधान किया जाए ताकि इस फलदार पौेधे को उद्यान विभाग को शिफारिश हेतु कार्यवाही की जा सके।
         जिला कलक्टर ने बूंद-बूंद सिंचाई के तहत किसानों को ड्रिप संयत्र व मिनी स्पिंकलर लगाने के प्रेरित करने के निर्देश दिए और कहा  कि इससे बागवानी फसलों में पानी की बचत होगी। इस पर सहायक निदेशक बागवानी जयदीप दोगने ने नए उद्यानों की स्थापना, जल स्त्रोतों का विकास, संरक्षित कृषि, प्याज भंडारण, वर्मी कम्पोस्ट इकाईयों और खजूर बगीचों की स्थापना की जानकारी दी और कहा कि जिले में नरमा कपास का क्षेत्र पिछले दो-तीन साल से बढ़ रहा है। इस लिए नरमा कपास की ड्रिप से सिंचाई हो तो जल की बचत होगी, उरर्वक भी घुलनशी अवस्था ड्रिप के माध्यम से पौधों तक पहुंचेगी। इससे किसान की लागत कम होगी व उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि अन्य फसलों यथा मूंगफली, मैथी, चना, मूंग आदि फसलों की सिंचाई हेतु किसान यदि अपने खेत में मिनी स्पिंकलर लगाता है तो सामान्य किसान को 50 प्रतिशत तथा सीमान्त कृषक को 70 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। विभाग इसके लिए किसानों को जागरूक भी कर रहा है।  
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को फसल बीमा के भुगतान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, टिड्डी नियंत्रण, बायोफर्टीलाइजर की उपलब्धता और इसके वितरण, मूंग, मोठ, चना बीज के वितरण की प्रगति, मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना सहित फसलों का किसानों के खेतों पर हुए प्रदर्शन की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
        बैठक मे जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश, उपनिदेशक (कृषि विस्तार)  डाॅ. कैलाश चैधरी, सहायक निदेशक कृषि जयदीप दोगने, स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय के  डाॅ. एस.आर. यादव, भेड़ एवं ऊन विभाग के एच.के.नरूका, काजरी के एन.डी.यादव, राजुवास के डाॅ.आर.के.धुडिया, नाबार्ड के डीडीएम रमेश ताम्बिया, अग्रणी बैंक प्रबंधक सुरेश कुमार शर्मा, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



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