जोधपुर संभाग में 70 से अधिक जगह CBI की रेड:यूको बैंक से निकले थे 850 करोड़; बैंक कर्मियों और ई-मित्र संचालकों के ठिकानों पर सर्च

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जोधपुर संभाग में 70 से अधिक जगह CBI की रेड:यूको बैंक से निकले थे 850 करोड़; बैंक कर्मियों और ई-मित्र संचालकों के ठिकानों पर सर्च

जोधपुर

फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो।

यूको बैंक के सिस्टम में तकनीकी खामी का फायदा उठाकर 850 करोड़ रुपए निकाले गए। इस मामले में CBI ने बुधवार को जोधपुर संभाग में 70 से ज्यादा जगहों पर एक साथ रेड की। सभी ठिकाने बैंक कर्मियों और ई-मित्र संचालकों के हैं। यहां से टीमों ने कई डॉक्युमेंट और मोबाइल जब्त किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार 10 अधिकारियों के नेतृत्व में सीबीआई जयपुर-जोधपुर की टीमों ने जोधपुर, फलोदी, लोहावट, ओसियां, भोजसर, चाडी, बाड़मेर आदि जगहों पर एक साथ छापा मारा। देर रात तक सभी स्थानों पर यह कार्रवाई जारी थी।

बुधवार को CBI की टीम ने जोधपुर में 70 से ज्यादा जगहों पर रेड की।

बुधवार को CBI की टीम ने जोधपुर में 70 से ज्यादा जगहों पर रेड की।

SOG में दर्ज करवाई थी शिकायत

जानकारी के अनुसार यूको बैंक ने 14 नवम्बर को एसओजी जयपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर जयपुर के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बैंक में हुई यह गड़बड़ी करोड़ों रुपए और सैकड़ों खाताधारकों की होने से इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था। इसी के चलते बुधवार को कार्रवाई की गई।

4 महीने पहले हुई थी गड़बड़ी

गौरतलब है कि पिछले साल 10 से 13 नवंबर के बीच बैंक के सिस्टम में तकनीकी खामी आई थी। इसका फायदा उठाकर कुछ खातों में बहुत ज्यादा ट्रांजैक्शन किए गए थे। IMPS से ये लेन-देन आईडीएफसी बैंक व अन्य बैंकों से थे। दूसरी बैंकों से लेन-देन किए गए तो यूको बैंक की तकनीकी खामी की वजह से दूसरे बैंकों में रीजैक्शन के संदेश आने लग गए थे।

खातों से राशि बगैर डेबिट हुए यूको बैंक खाताधारकों को जमा हो गई थी। इसका पता लगने पर कई लोगों ने लेन-देन शुरू कर दिए। यह बात आग की तरह फैल गई। इसके बाद सैंकड़ों लोगों ने लेन-देन कर दिए थे। जोधपुर, लोहावट, फलोदी, अजमेर, नागोर व बाड़मेर में लोगों ने खातों से राशि दूसरे खातों में जमा करनी शुरू कर दी थी।

850 करोड़ के इस घोटाले में बैंक कर्मी और ई मित्र संचालकों के ठिकानों पर रेड चल रही है।

850 करोड़ के इस घोटाले में बैंक कर्मी और ई मित्र संचालकों के ठिकानों पर रेड चल रही है।

पहले 2 करोड़ और बाद में 820 करोड़ की गड़बड़ी

पहले बैंक ने 1.53 करोड़ रुपए की गड़बड़ी होने का आरोप लगाया था। एनएससी व बीएससी को सूचना दी थी कि बैंक में आंतरिक तकनीकी खामी की वजह से गड़बड़ी हुई थी। 16 नवंबर को बीएसई व एनएससी को लिखे पत्र में बैंक ने खाते ब्लॉक कर 820 करोड़ में से 649 करोड़ रुपए रिकवर किए थे।

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी

बैंक से करोड़ों रुपए की सबसे ज्यादा गड़बड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई थी। ई-मित्रों से ग्रामीण लोगों ने रातों-रात खाते खुलवाए और फिर लाखों रुपए का लेन-देन कर राशि ऑनलाइन दूसरे खातों में जमा करवाई थी। पहले जयपुर की साइबर थाना पुलिस और अब सीबीआई ने ऐसे खाता धारकों को चिह्नित किया और अब इनके ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेज जब्त किए हैं।

एक खाते से निकाले थे 96 लाख रुपए

पाल रोड पर यूको बैंक की शाखा में अप्रैल 2023 में कोटा के एक व्यक्ति ने फर्म के नाम से खाता खुलवाया था। खाता धारक ने खुद को फर्म का मालिक बताया था। खाता खोलने के लिए उसने फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। आधार कार्ड भी फर्जी था। खाते का संचालन कोई दूसरा आदमी करता था। जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस खाते से 96 लाख रुपए निकाले गए थे। गड़बड़ी का पता लगने पर बैंक कर्मचारी खाते में अंकित पते पर पहुंचे तो वहां उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला था।

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