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दुर्गा पंडाल में दुर्गा प्रतिमाएं का भव्य स्वरूप तैयार करने में व्यस्त मूर्तिकार

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बीकानेर। शारदीय नवरात्र की घट स्थापना घर-घर हो चुकी है मंदिरों में भी सजावट और विशेष पूजा अर्चना भक्तों और श्रद्धालुओं की सुबह शाम भीड़ दिखाई देने लगी है!
मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना का पश्चिम बंगाल में बहुत महत्व है वहां बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं और 9 दिन तक विशेष उत्साह मेले के तौर पर पूजा अर्चना और कार्यक्रम चलते रहते हैं इसी तरह बंगाली बाहुल्य क्षेत्र बीछवाल औद्योगिक क्षेत्र में भी पश्चिम बंगाल स्टाइल के बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं और विशालकाय मां दुर्गा सहित शिव गणेश सरस्वती की मूर्तियां स्थापित की जाती है! इन मूर्तियों को बनाने के लिए विशेष तौर से बंगाल से कारीगर नियमित रूप से आते हैं!

बबलू मालाकार मूर्तिकार अपने परिवार के साथ लगभग पिछले 30 साल से बीकानेर आकर दुर्गा पंडाल में सजने वाली मूर्तियां बना रहे हैं इन मूर्तियों को बनाने में लगभग एक माह का समय लग जाता है बबलू मालाकार ने बताया मूर्तियों के निर्माण में शुद्ध मिट्टी नदी की लाई जाती है बीकानेर के विभिन्न क्षेत्रों से पंडाल में मूर्ति बनाने का ऑर्डर लेते हैं इस बार लगभग 10 बड़े पंडाल मूर्ति का आर्डर ले चुके हैं दुर्गा माता के पंडाल के अलावा विश्वकर्मा गणेश और दिवाली पर विशेष पूजन होने वाली काली पूजन की भी मूर्तियां बबलू मालाकार बनाते हैं एक पंडाल में सजने वाली बड़े साइज की मूर्ति का पूरा सेट लगभग 50 से ₹60000 तक में बुक किया जाता है वहीं छोटे पंडाल के लिए छोटा सेट 25 से 30000 के बीच में श्रृंगार सहित बना कर देते हैं बबलू मालाकार ने बताया इस कार्य में मेहनत बहुत अधिक है और परिवार के सदस्य दुर्गा पूजा से दो माह पहले ही बीकानेर आ जाते हैं उनके रहने खाने और निर्माण के लिए जगह का किराया भाड़ा बहुत अधिक लगने लगा है बबलू मालाकार के साथ-साथ प्रदीप मालाकार नारायण मालाकार और लिटिल मालाकार इस कार्य में उनका सहयोग करते हैं!

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