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देवबंद में बांग्लादेशी युवक को ATS ने पकड़ा:फर्जी पहचान पर कर रहा था पढ़ाई, पाकिस्तान में ले चुका है ट्रेनिंग

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*देवबंद में बांग्लादेशी युवक को ATS ने पकड़ा:फर्जी पहचान पर दारूल उलूम से कर रहा था पढ़ाई, पाकिस्तान में ले चुका है ट्रेनिंग*

*REPORT BY SAHIL PATHAN*
सहारनपुर से बड़ी खबर है। एटीएस ने गुरुवार देर रात बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक फर्जी आईडी से देवबंद के दारुल उलूम में इस्लामिक शिक्षा ले रहा था। उसके पास से बांग्लादेशी करेंसी के अलावा कई अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।सूत्र बताते हैं कि शुरुआती जांच में एटीएस को बांग्लादेशी युवक की संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। पाकिस्तान से भी उसके तार जुड़े होने का शक है। गुरुवार रात करीब 1:30 बजे एटीएस की टीम दारुल उलूम पहुंची। छात्रावास के कमरा नंबर-61 से दो छात्रों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद एक छात्र को छोड़ दिया, जबकि दूसरे को अपने साथ ले गई। ATS ने छात्र को गिरफ्तार कर देवबंद थाना पुलिस को सौंप दिया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। छात्र के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी मिल चुके हैं।

*7 साल से देवबंद में कर रहा था पढ़ाई*
एटीएस सूत्र के मुताबिक, पकड़ा गया छात्र बांग्लादेशी नागरिक है। वह पहचान छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर साल 2015 से देवबंद में रह रहा था। यह भी पता चला है कि एटीएस को उसके पास से जो मोबाइल मिला है, उसमें उसके पाकिस्तान कनेक्शन के सबूत मिले हैं। हालांकि, अभी एटीएस की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, दारुल उलूम के वीसी मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने इस गिरफ्तारी पर कहा कि पिछली रात दारुल उलूम में किसी भी तरह की छापामारी नहीं हुई है। न ही दारुल उलूम परिसर से किसी को गिरफ्तार किया गया है।

*मुजफ्फरनगर से गिरफ्तारी की चर्चा*
उधर, एक बात यह भी सामने आई है कि एटीएस ने दोनों युवकों को मुजफ्फरनगर से दिन में गिरफ्तार किया था। बांग्लादेशी युवक अपने साथी के साथ किसी डॉक्टर के यहां दवा लेने गया था। रात में एटीएस उसके कमरे की तलाशी लेने आई थी, जहां से कुछ आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं। इसके चलते टीम एक छात्र को अपने साथ ले गई।

*पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने के मिले सबूत*
बताया जा रहा है कि आरोपी के पास कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है। छात्र पाकिस्तान में ट्रेनिंग ले चुका है। इसकी गतिविधियां बीते दो-तीन वर्ष से कुछ संदिग्ध थीं। एटीएस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

*छात्रों की जांच एलआईयू से कराई जाएगी*
देवबंद में विश्व विख्यात इस्लामी शिक्षा के केंद्र दारुल उलूम प्रबंधन ने 27 अप्रैल 2022 को दाखिलों के लिए नियम और शर्तों की घोषणा की थी। इसमें छात्रों को दाखिला लेने से पूर्व मदरसा प्रमाण पत्र, अंकपत्र तथा अपने पिता का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जमा कराने की शर्त रखी गई थी। यह भी कहा गया था कि यदि कोई छात्र आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कराएगा, तो उसको दाखिला नहीं मिलेगा। छात्रों की जांच एलआईयू से कराई जाएगी और गलत आईडी पाए जाने पर दारुल उलूम से निष्कासित कर दिया जाएगा। कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

*सुरक्षा एजेंसियों की तिरछी नजर*
देवबंद से पिछले कई दशक से आतंकी कनेक्शन मिले हैं। पिछले दिनों में कई संदिग्धों को ATS ने दारुल उलूम सहित अन्य जगहों से गिरफ्तार किया था। इसके बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियों की नजर देवबंद पर है। लगातार फोन ट्रेस किए जा रहे हैं। छात्रों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। यूपी ATS अब इस छात्र के अन्य कनेक्शन खंगालने में लगी है। ATS को उसकी गतिविधियां बढ़ती दिखी, तो वह रडार पर आ गया।

*डेढ़ महीने पहले पकड़ा गया था आतंकी*
12 मार्च को देवबंद के दारुल उलूम चौक के नजमी मंजिल हॉस्टल से यूपी एटीएस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए इनामुलहक के तार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से मिले थे। एटीएस के मुताबिक, पूछताछ में पकड़े गए आरोपी से पता चला था कि वह हथियार चलाने की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान जाना चाहता था।
इसके अलावा इनामुलहक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान सहित पड़ोसी देश बांग्लादेश, अफगानिस्तान देशों के लोगों से भी जिहाद के बारे में चर्चा करता था। इनामुलहक फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल से जिहाद संबंधित वीडियो प्रसारित करता था।

*देवबंद से कैसे है आतंकी कनेक्शन?*
22 फरवरी 2019 को देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज तेली और आकिब अहमद मलिक पकड़े गए। दोनों को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले की पहले से खबर थी। एनआईए या एटीएस के हाथों पूर्व में पकड़े गए आतंकी मोहम्मद सुहेल, अब्दुल्ला अल मामून, रजाउल रहमान, इमरान, रजीमुद्दीन, मोहम्मद फिरदौस भी देवबंद में पनाह ले चुके हैं।
ज्यादातर आतंकी दीनी तालीम के बहाने देवबंद में रहे और दहशतगर्द तैयार करते रहे। 14 मई 2019 को कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले शामली के दो भाई भी देवबंद में काफी दिनों तक रुके थे। नवंबर-2020 में दिल्ली में जैश के दो आतंकी पकड़े गए। इनके मोबाइल में एक वॉट्सएप ग्रुप मिला, जिसमें देवबंद का शख्स जुड़ा हुआ था।

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