नाबार्ड द्वारा स्‍वयं सहायता समूहों को बाजार से जोडने के प्रयास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

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बीकानेर। नाबार्ड द्वारा बीकानेर में ग्रामीण हाट हाल में बीकानेर की स्‍वयं सहायता समूहों की सदस्‍यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. स्‍वयं सहायता समूहों के द्वारा बनाये उत्‍पादों को बाजार से जोडने के लिए नाबार्ड की रुरल हाट तथा रुरल मार्ट योजनाओं के बारे में विस्‍तार से बताते हुए जिला विकास प्रबंधक-रमेश ताम्बिया द्वारा स्‍वय सहायता समूहों के उत्‍पादों की बाजार में अच्‍छी मॉग उत्‍पन्‍न करने के उपायों पर चर्चा की. नाबार्ड की रुरल मार्ट योजना के अंतर्गत 02 वर्ष तक स्‍वयं सहायता समूहों के बनाये उत्‍पादों के लिए उचित स्‍थान पर दुकान उपलब्‍ध करवाई जाती है जिस पर होने वाले व्‍यय को नाबार्ड द्वारा वहन किया जाता है तथा स्‍वयं सहायता समूह के पदाधिकारियों हेतु आय का साधन उपलब्‍ध करवाने में मदद की जाती है. इस दौरान समय समय पर सरकारी योजनाओं के माध्‍यम से भी रुरल मार्ट को जोडा जाता है. इसी प्रकार नाबार्ड की रुरल हाट योजना के अंतर्गत स्‍वयं सहायता समूहों के क्‍लस्‍टर को बाजार से जोडने के लिए लगभग 750 स्‍कावर मीटर स्‍थान विक्रय केन्‍द्र के रुप में बना कर अनुदान दिया जाता है जिसके लिए ग्राम पंचायत/पंचायत समिति द्वारा स्‍थान उपलब्‍ध करवाया जाता है तथा इस दिशा में स्‍थानीय बाजार के रुप में कार्यालय के साथ-साथ 40 खुली दुकान स्‍वयं सहायता समूहों/कारीगरों/दैनिक बाजार के लिए पक्‍के निर्माण के साथ उपलब्‍ध करवाई जाती है जिससे स्‍वयं सहायता समूहों/ किसान उत्‍पादक संगठन/क्‍लस्‍टर तथा उनके सदस्‍यों को बाजार से जुडने के 100प्रतिशत अनुदान के साथ स्‍थान उपलब्‍ध हो जाता है जिससे स्‍वयं सहायता समूहों के उत्‍पादों को सीधे बाजार से जोडा जाता है. इन दोनो ही योजनाओं के साथ स्‍वयं सहायता समूहो को प्रशिक्षण उपलब्‍ध करवाने के साथ-साथ ऑन लाईन बाजार से जोडने के लिए भी ई-कॉमर्स आनबोर्डिग के अंतर्गत अनुदान उपलब्‍ध करवाने के लिए नाबार्ड की योजनाओं को स्‍वयं सहायता समूहों के माध्‍यम से जोडने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के दौरान गिरीराज चारण, जिला परियोजना अधिकारी तथा रधुनाथ डॅूडी-ब्‍लाक परियोजना प्रबंधक द्वारा नाबार्ड के आजीविका उघम विकास कार्यक्रम के अंतर्गत लूणकरणसर व डॅूगरगढ में उपलब्‍ध करवाई गई दो प्रदर्शनी इकाई- सैनेटरी मशीन तथा मसाला उत्‍पादक ईकाई के माध्‍यम से स्‍वयं सहायता समूहों को होने वाली आय के आधार तथा उत्‍पादों की बाजार में पहॅुच के आधार पर नाबार्ड को धन्‍यवाद ज्ञापित किया. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्‍टर ट्रेनर द्वारा राजस्‍थान सरकार द्वारा महिलाओं को उपलब्‍ध करवाये गये मोबाईल को चलाने तथा अपने आस-पास की महिलाओं को मोबाईल चलाने में आने वाली मुश्‍किलों को दूर करने के लिए भी राज्‍य सरकार द्वारा जारी पुस्तिका उपलब्‍ध करवाते हुए सभी को धन्‍यवाद ज्ञापित किया.

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