Some Of My Projects

Design of a mobile app develops

AI Based Social Networks

NFT Buy and Sell Platform

Web Traffic Management

नीजि निवेशकों को 1 करोड़ 41 लाख रूपये का अनुदान स्वीकृत:ग्राम सेवा समितियों को 78.75 लाख रूपये का अनुदान स्वीकृत :राजस्थान कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि व्यवसाय, निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019 योजना की बैठक में स्वीकृत हुआ अनुदान

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर, 24 जून। खेती के साथ किसानों को व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई राजस्थान कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि व्यवसाय, निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019 योजना के तहत जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय छानबीन एवं अनुदान स्वीकृति की बैठक आयोजित हुई।  
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरूवार को हुई इस बैठक में समिति के सदस्य एवं क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक कृषि विपणन विभाग शशि शेखर शर्मा ने बताया कि योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए जिला स्तरीय समिति के पास अब तक प्राप्त 27 आवेदन पर अनुदान स्वीकृत करने पर चर्चा हुई।  इनमें से कृषक वर्ग 11 व गैर कृषक वर्ग 16 आवेदन पर विचार किया गया। इसके अलावा भाड़ा अनुदान के 31 अनुदान के प्रकरण समिति को मिले थे। उन्होंने बताया कि पूंजी अनुदान के उक्त 27 प्रकरणों एवं भाड़ा अनुदान के 34 प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए मेहता ने 10 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के वेयर हाउस निर्माण के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों पर 78.75 लाख रूपये की अनुदान राशि स्वीकृति की। इसके अतिरिक्त नीजि निवेशकों के 8 प्रकरणों में 1 करोड़ 41 लाख रूपये की पूंजी अनुदान स्वीकृत किया गया। उन्होंने बताया कि 8 पूंजी अनुदान के प्रकरण राज्य स्तरीय क्षेत्राधिकार के होने के कारण इन प्रकरणों को राज्य स्तरीय समिति को स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषक श्रेणी वर्ग के 1 प्रकरण में जांच कर पुनः प्रस्तुत करने के निर्देश जिला कलक्टर ने दिए हैं।                                                                                      
शेखर ने बताया कि भाड़ा अनुदान के चार फर्मों के कुल 34 प्रकरणों में से 31 प्रकरणों में 13 लाख 60 हजार रूपये का भाड़ा अनुदान की स्वीकृति दी गई है। 3 प्रकरण निर्धारित अवधि में प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उनको निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि डाॅ.उदय भान, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र मंजूनैण गोदारा, लीड बैंक अधिकारी सुरेश शर्मा, संयुक्त निदेशक पशुपालन डाॅ. ओपी किलानिया, बागवानी, मार्केेंटिंक बोर्ड व जिले की कृषि मण्डी के सचिव उपस्थित थे।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!