पॉलिटेक्निक स्टूडेंट फंदे पर लटका मिला:सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पापा आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, यहां से जाना ही ठीक था

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पॉलिटेक्निक स्टूडेंट फंदे पर लटका मिला:सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पापा आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, यहां से जाना ही ठीक था

पॉलिटेक्निक स्टूडेंट ने गुरुवार रात हॉस्टल के कमरे में सुसाइड कर लिया। वह पंखे से फंदे पर लटका मिला। पुलिस को कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा- मम्मी आपको दुखी करके मैं बहुत दुखी हुआ। आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। क्या करता यहां से जाना ही ठीक था। मुझे माफ करना…।

स्टूडेंट अपने खानदान में इकलौता लड़का था। उसके पिता तीन भाई है। तीनों भाइयों के बच्चों में ये अकेला लड़का था। बाकी सभी बेटियां हैं। घटना उदयपुर के बड़गांव की है।

हर्षवर्धन 11फरवरी को आखिरी बार घर गया था। परिवार के साथ दो दिन रहने के बाद हॉस्टल लौटा था।

हर्षवर्धन 11फरवरी को आखिरी बार घर गया था। परिवार के साथ दो दिन रहने के बाद हॉस्टल लौटा था।

हॉस्टल के लड़कों ने गेट तोड़ा तब चला पता
बड़गांव थानाधिकारी पूरणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि हर्षवर्धन सिंह (19) देवगढ़, राजसमंद का रहने वाला था। उदयपुर के विद्याभवन पॉलिटेक्निक कॉलेज में फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। वह कॉलेज के ही हॉस्टल में रहता था। गुरुवार रात करीब 9 बजे हॉस्टल के पास वाले कमरे में रहने वाले स्टूडेंट ने किसी काम से हर्षवर्धन के कमरे का गेट खटखटाया।

आवाज लगाने पर भी काफी देर तक गेट नहीं खोला। उसने वार्डन सहित अन्य छात्रों को बुलाया। बाकी स्टूडेंट्स ने मिलकर गेट तोड़ा और अंदर गए। तब हर्षवर्धन बेडशीट से पंखे से फंदा बनाकर लटका मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतारकर एमबी हॉस्पिटल लेकर गए। परिजनों के आने पर शुक्रवार सुबह पोस्टमाॅर्टम करवाया गया।

एमबी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर बैठे घरवाले और रिश्तेदार।

एमबी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर बैठे घरवाले और रिश्तेदार।

सुसाइड नोट लिखकर मम्मी-पापा से मांगी माफी
थानाधिकारी ने बताया कि स्टूडेंट के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। स्टूडेंट ने मरने से पहले नोट में लिखा-

मम्मी, बहुत सोचा मैंने मरने से पहले पर अब मैं ये सब दुख देखकर थक चुका हूं। कुछ समझ नहीं आ रहा। अभी काॅलेज की फीस भरनी है। मुझे पता है कि मेरे लिए 15000 रुपए देना कोई बड़ी बात नहीं है। पर मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। मेरे बाद बहन नेतल की पढ़ाई और शादी अच्छे से करना।

मेरा सपना था कि नेतल की शादी अच्छे से करने का ,लेकिन ये चाहकर भी पूरा नहीं कर सकता। अब आप लोगों की हालत मुझसे देखी नहीं जाती। आप बहुत अच्छे हो। मम्मी आपको दुखी करके मैं बहुत दुखी हुआ। पर क्या करता यहां से जाना ही ठीक था। मुझे माफ करना।

हर्षवर्धन के हॉस्टल के कमरे से मिला सुसाइड नोट।

हर्षवर्धन के हॉस्टल के कमरे से मिला सुसाइड नोट।

11 फरवरी को गया था घर
स्टूडेंट के चाचा चरण सिंह चुंडावत ने बताया कि हर्षवर्धन 11 फरवरी को देवगढ़ आया था। उसने अपने पापा से कहा था कि कॉलेज में बाकी 15 हजार रुपए फीस जमा करानी है। 14 फरवरी को वापस उदयपुर हॉस्टल आ गया था।

इस पर पिता ने कहा था कि वे दो-तीन दिन में कॉलेज में आकर फीस जमा करा देंगे। चाचा ने बताया कि भतीजे ने कभी अपनी परेशानी खुलकर शेयर नहीं की थी। उन्होंने बताया कि वे तीन भाई है। तीनों भाइयों के बच्चों में हर्षवर्धन अकेला लड़का था।

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