बीकानेर। प्रदेश की गहलोत सरकार के मंत्री ढाई वर्ष में ही सत्ता के नशे में इतना डूब गए कि वे अब अपने कार्यकर्ताओं की ही नहीं सुनते हैं। ऐसा ही कुछ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और जिला प्रभारी मंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा यहां करते नजर आ रहे हैं। लोकतांत्रिक दस्तूर निभाते हुए प्रभारी मंत्रीजी ने आज सर्किट हाउस में अपना दरबार भी लगाया लेकिन आमजन की फरियाद सुनने में उन्होंने महज खानापूर्ति ही की।
दरअसल, कांग्रेस पार्षद अंजना खत्री कुछ कार्यकर्ताओं को साथ लेकर प्रभारी मंत्री से मिलने सर्किट हाउस पहुंची। वे मंत्री के पास पहुंची तो मंत्री ने उनसे मिलने से मना कर दिया और कह दिया कि वे अपने घर जाएं। मंत्री के इस रवैये से पार्षद बिफर गईं। हालांकि वहां मौजूद पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने पार्षद अंजना खत्री को शांत करने की कोशिश की लेकिन वे काफी नाराज दिखाई दीं।
एक तरफ तो सरकार आमजन के प्रति संवेदनशील होने का दावा करती रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के मंत्री अपने कार्यकर्ताओं की भी नहीं सुनते हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और जिला प्रभारी मंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा के दो दिवसीय दौरे के दौरान यहां ऐसा काफी कुछ देखने को मिला है। आज सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान एनआरएचएम भर्ती की एएनएम की ओर से मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मंत्री को ज्ञापन दिया गया लेकिन मंत्रीजी उन्हें ज्यादा तवज्जों देते नहीं दिखाई दिए
इसी प्रकार एक शख्स वहां अपना ज्ञापन मंत्री को देने पहुंचा, उसने अपना ज्ञापन मंत्री को दिया लेकिन जब मंत्री की ओर से खानापूर्ति करते उसने देखी तो उस शख्स ने मंत्रीजी को मुंह पर ही कह दिया कि ‘जब आप ज्ञापन लेते हुए इतनी तल्खी दिखा रहे हो तो आमआदमी के काम क्या करोगे!’
ऐसा ही कल यानि शुक्रवार को देखने को मिला था। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष और जिले के प्रभारी मंत्री डोटासरा के आगमन का सर्किट हाउस में उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता इंतजार कर रहे थे। प्रभारी मंत्री सर्किट हाउस नहीं रूके और सीधे मीटिंग में पहुंच गए। तीन-चार घंटे इंतजार करने के बाद प्रभारी मंत्री सर्किट हाउस पहुंचे तो उनके कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
लेकिन बाद में अंजना खत्री ने स्वयं पाला बदला।शिक्षा मंत्री व प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के सामने सर्किट हाउस में हंगामा मचाने वाली बीकानेर नगर निगम के वार्ड नं. 32 की पार्षद अंजना खत्री ने अपने कृत्य पर अफसोस जताया और कहा,गलतफहमी में सब कुछ हो गया।डोटासरा जी मेरे छोटे भाई है वीडियो वायरल करने वाले असामाजिक तत्व है और उन्होंने राजनीतिक फायदा उठाने के लिए ऐसा किया।










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