बीकानेर में सेना के जवानों की धर्मांतरण के मामले में संदिग्ध भूमिका ने उठाए अनेक सवाल, 12 से अधिक लोग पुलिस की गिरफ्त में

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बीकानेर के सदर थाना क्षेत्र में धर्मांतरण की सूचना के बाद पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को किया गिरफ्तार, सेना के दो जवानों से भी पूछताछ जारी
बीकानेर।बीकानेर शहर के सदर थाना क्षेत्र में अंत्योदय नगर के पास रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्थानीय पुलिस को सूचना मिली कि एक घर में जबरन धर्मांतरण करवाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा लग गया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और मौके पर मौजूद संदिग्ध लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया।
सदर वृत्त अधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि अंत्योदय नगर के कच्ची बस्ती क्षेत्र में धर्मांतरण के लिए ईसाई मिशनरी के लोग तीन महीने से लगातार सभाएं कर रहे हैं ।यह सभाएं हर रविवार को की जाती है जहां चार-पांच घंटे ईश प्रार्थना के साथ प्रलोभन देकर लोगों को ईसाई बनाने की कोशिश की जाती है। पुलिस ने जब यहां दबिश दी तब आपत्तिजनक साहित्य, पम्पलेट इत्यादि भी बरामद हुए। यहां लगभग 40 से 50 लोग मौजूद थे जिनमें महिलाएं तथा बच्चे भी शामिल थे। इसके बाद पुलिस कार्रवाई करते हुए उन सभी को पुलिस थाने ले आई। इस मामले में सेना के सूबेदार येरूकला पेपा राव और नायब सूबेदार किंग्सले भी शामिल हैं। इनसे भी पूछताछ लगातार जारी है। मामले के तार कर्नाटक उदयपुर सहित विभिन्न जगहों से जुड़े पाए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस घर में यह गतिविधि संचालित हो रही थी, वह किराए पर लिया गया था। घर के अंदर बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, जिनमें से कुछ गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। बताया जा रहा है कि यहां विशेष रूप से असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को बुलाया गया था और धार्मिक सभाएं आयोजित की जा रही थीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इस मकान में बाहरी लोगों का लगातार आना-जाना लगा हुआ था, जिससे संदेह पैदा हो रहा था। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि यहां अक्सर समूह में लोग आते थे और घंटों तक प्रार्थना सभाएं होती थीं। आरोप है कि कई व्यक्तियों को 20-25 हजार रुपये देने का लालच देकर यहां बुलाया गया था, जबकि कुछ ऐसे भी थे जो इतने मजबूर थे कि उनके पास वापस जाने तक के पैसे नहीं थे।
सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को लालच देकर और उनकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर उनका धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि जबरन धर्मांतरण की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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