भजनलाल सरकार के 12 मंत्रियों पर दर्ज हैं केस:शिक्षामंत्री दिलावर पर 14 केस, दूसरे नंबर पर किरोड़ीलाल, गहलोत सरकार में 14 मंत्रियों पर थे केस

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भजनलाल सरकार के 12 मंत्रियों पर दर्ज हैं केस:शिक्षामंत्री दिलावर पर 14 केस, दूसरे नंबर पर किरोड़ीलाल, गहलोत सरकार में 14 मंत्रियों पर थे केस

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल के 24 में से आधे यानी 12 मंत्रियाें पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 4 मंत्री ऐसे भी हैं, जिनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। यह गंभीर मामले उन धाराओं में दर्ज हैं, जो गैर जमानती अपराध हैं। इनमें दोषी पाए जाने पर पांच साल या उससे अधिक सजा हो सकती है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर सबसे अधिक 14 आपराधिक मामले हैं। वहीं कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर 12 केस दर्ज हैं।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, मदन दिलावर पर हत्या जैसी गंभीर धाराओं में भी केस है। वहीं मंत्री किरोड़ी लाल मीणा हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हैं।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

शिक्षा मंत्री दिलावर पर ये मामले दर्ज

मदन दिलावर पर कोटा ग्रामीण के थानों में 4, कोटा सिटी के थानों में 2, झालावाड़, राजसमंद और जयपुर में भी 1-1 केस दर्ज है। दिलावर पर दर्ज मामलों में गंभीर धाराओं में भी केस दर्ज किए गए हैं। इनमें राजद्रोह, हत्या, महिला की गरिमा भंग करने जैसी धाराएं शामिल हैं। साथ ही आपराधिक साजिश रचने या उसमें शामिल होने और राजकार्य में बाधा डालने जैसे आरोप भी उन पर लगाए गए हैं।

दो समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाने और आपत्तिजनक बयान देने को लेकर धारा 153 ए के तहत 4 केस दर्ज हैं। वहीं धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर आईपीसी की धारा 295 ए के तहत दर्ज किए गए हैं। इन दोनों ही धाराओं में दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन-तीन साल का कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। मदन दिलावर के खिलाफ अधिकांश मामलों में जांच पेंडिंग है। सीआईडी सीबी इन मामलों की जांच कर रही है। उन्होंने इन केस को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में भी अपील कर रखी है।

इन पर दर्ज 14 मामलों में से एक में आरोप तय किए गए हैं। उन्हें अभी तक किसी मामले में दोषी नहीं माना गया है। मदन दिलावर इन मामलों को लेकर अशोक गहलोत सरकार काे जिम्मेदार बताते हुए नाजायज और झूठे मुकदमे लगाने का आरोप लगाते रहे हैं।

दिलावर पर दर्ज 14 मामलों में से एक में आरोप तय किए गए हैं। उन्हें अभी तक किसी मामले में दोषी नहीं माना गया है।

दिलावर पर दर्ज 14 मामलों में से एक में आरोप तय किए गए हैं। उन्हें अभी तक किसी मामले में दोषी नहीं माना गया है।

वह मामला जिसमें हत्या की धाराओं में दर्ज किया केस

मदन दिलावर पर जयपुर के संजय सर्किल पुलिस थाने में हत्या के आरोप में धारा 302 और 120 बी के तहत भी एक केस दर्ज है। 8 मई 2023 को एफआईआर होने के बाद से यह मामला काफी सुर्खियों में रहा।

इसमें दिलावर और एक अन्य व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के मुख्यालय प्रभारी राम सिंह कस्वां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई एक टिप्पणी पर मदन दिलावर ने बयान दिया था। इसमें उन्होंने कहा कि खड़गे कुछ भी कह सकते हैं। उनकी उम्र 80 साल की हो गई है। भगवान उन्हें कभी भी उठा सकता है।

वे यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा- मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि कम से कम 200 साल तक उन्हें न उठाएं। इस बयान के बाद हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया।

इसके अलावा उन पर एससी-एसटी की धाराएं भी लगाई गईं। उन्होंने हत्या की धारा में केस दर्ज करने को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस केस में राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हुए हैं। सीआईडी सीबी जयपुर केस की जांच कर रही है।

मदन दिलावर का एफिडेविट, जिसमें उन्होंने धारा 302 सहित अन्य केस की जानकारी दी है।

मदन दिलावर का एफिडेविट, जिसमें उन्होंने धारा 302 सहित अन्य केस की जानकारी दी है।

किरोड़ीलाल मीणा पर इन पुलिस थानों में दर्ज हुए 12 केस

किरोड़ीलाल मीणा पर जयपुर ग्रामीण जिले के पुलिस थाना सामोद और चंदवाजी में केस दर्ज हैं। इसके अलावा अलवर जिले के पुलिस थाना थानागाजी व राजगढ़, सवाईमाधोपुर के सूरवाल, मलारनाडूंगर व चौथका बरवाड़ा, करौली जिले के सपोटरा और जयपुर के ज्योतिनगर में केस दर्ज हैं। इनके अलावा जीआरपी अलवर, जीआरपी बांदीकुई और आरपीएफ बांदीकुई में भी मामले दर्ज हैं।

करौली के सपोटरा और जीआरपी बांदीकुई में किरोड़ीलाल मीणा पर हत्या के प्रयास की धारा 307 में केस दर्ज है। जीआरपी बांदीकुई में दर्ज केस में आईपीसी की धारा 395 भी लगाई गई है। यह डकैती जैसे गंभीर क्राइम में लगाई जाती है। इसमें दोषी व्यक्ति को दस साल तक की सजा का प्रावधान है।

इसके अलावा उन पर आपराधिक साजिश में शामिल होने, राजकार्य में बाधा डालने और रास्ता रोकने के आरोप हैंं। अधिकांश मामले जनहित के मुद्दों को लेकर किए गए प्रदर्शन से संबंधित हैं।

किरोड़ीलाल मीणा पर 12 केस दर्ज हैं। अधिकांश मामले जनहित के मुद्दों को लेकर किए गए प्रदर्शन से संबंधित हैं।

किरोड़ीलाल मीणा पर 12 केस दर्ज हैं। अधिकांश मामले जनहित के मुद्दों को लेकर किए गए प्रदर्शन से संबंधित हैं।

मुख्यमंत्री सहित इन मंत्रियों पर हैं केस

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर एक केस दर्ज है। नई दिल्ली में पुलिस थाना सीबीआई-3 में दर्ज यह मामला प्रदर्शन से जुड़ा है। इसमें धारा 353 व 149 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में 4 दिसंबर 2015 में आरोप तय किए गए, लेकिन उन्हें दोषी नहीं माना गया है।

मंत्री संजय शर्मा पर दर्ज तीन केस में से दो केस गंभीर मामलों को लेकर हैं। अलवर जिले के कोतवाली और खैरथल पुलिस थाने में दो मामले दर्ज हैं। इनकी जांच अभी चल रही है।

वहीं 2012 में उदयपुर में हुए बीजेपी के किसान मोर्चा द्वारा रेल रोको आंदोलन में उन्हें धारा 147 रेल अधिनियम का दोषी मानते हुए 600 रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया था।

सभी पार्टियों ने दिए दागी उम्मीदवारों को टिकट

लोकसभा चुनाव से पहले जहां सत्ता पक्ष सुशासन और महिला सुरक्षा के दावे कर रहा है वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए हमलावर है। इसके विपरीत सभी राजनीतिक दल दागी और आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट दे रहे हैं।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सबसे ज्यादा 61 और कांग्रेस के 47 प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं बीएसपी के 12, आम आदमी पार्टी के 18, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 28, सीपीआई एम के 13 और भारतीय ट्राइबल पार्टी के 2 प्रत्याशियों के खिलाफ केस दर्ज थे।

गहलोत के 14 मंत्रियों पर थे केस, एक पर हत्या का मामला

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार में भी 14 मंत्रियों पर आपराधिक केस दर्ज थे। इनमें से 5 मंत्री यानी 20 प्रतिशत मंत्रियों पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज थे। मंत्री परसादी लाल पर हत्या और बूंदी जिले के हिंडौली से विधायक अशोक चांदना पर हत्या के प्रयास के 2 मामलों सहित 10 केस दर्ज थे। इन पर दो मामलों में आरोप तय हो गए थे, लेकिन उन्हें दोषी करार नहीं दिया गया था। इनके अलावा लालचंद कटारिया, भंवर सिंह भाटी, रमेशचंद मीणा, विश्वेन्द्र सिंह, अर्जुन सिंह बामनिया, टीकाराम जूली, भजनलाल जाटव भी आपराधिक मामलों में पुलिस जांच का सामना कर रहे थे।

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