भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र ने मनाया 75 वां गणतन्त्र दिवस

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बीकानेर 26 जनवरी 2024 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द, बीकानेर में 75वां गणतन्त्र दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर केन्द्र निदेशक डा. आर्तबन्धु साहू ने झण्डारोहण कर सभी वैज्ञानिकों/अधिकारियों/कर्मचारियों को गणतन्त्र के 75वें वर्ष में प्रवेश करने की बधाई व शुभ कामनाएं दीं।
डा. साहू ने केन्द्र परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि हम सौभाग्यषाली है कि आजाद भारत में सांस ले रहे हैं लेकिन यह सदैव स्मरण रखा जाना चाहिए कि इस आजादी के लिए हमारे महापुरुषों, पूर्वजों आदि ने असंख्य त्याग-बलिदान दिया है तब जाकर आजादी मिलीं एवं गणतन्त्र के रूप में एक संप्रभु राष्ट्र बन सकें । उन्होंने कहा कि हमारे देश के संविधान में प्रत्येक नागरिक के कर्तव्य एवं अधिकार बताए गए है । अतः देश की प्रगति के लिए हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को सर्वापरि रूप में लेते हुए उनकी पालना किए जाने की महत्ती आवश्कता है।
डा.साहू ने अपने कार्यक्षेत्र के अनुरूप सभी को संस्थान की प्रगति में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने हेतु प्रोत्साहित किया तथा कहा कि उष्ट्र प्रजाति संबद्ध संस्थान होने के नाते बदलते परिवेश में इनके संरक्षण एवं विकास को एक चुनौती के रूप में लेते हुए उष्ट्र अनुसंधान कार्या के माध्यम से हमें रेगिस्तान के जहाज ‘ऊँट को ‘‘औषधि के भण्डार के रूप में स्थापित करने के हरसंभव प्रयास करने होंगे ताकि इससे ऊँट पालकों के सामाजिक व आर्थिक जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार लाया जा सकें।
केन्द्र परिवार की ओर से प्रधान वैज्ञानिक डा.आर.के.सावल ने निदेशक डा.आर्तबन्धु साहू को बीकानेर जिला प्रशासन की ओर से गणतन्त्र दिवस-2024 के अवसर पर संस्थान को कुशल मार्गदर्शन द्वारा अनुसंधान कार्यां संबंधी जानकारी ऊँट पालकों को प्रचारित करने, केन्द्र के ‘ऊँटां री बातां‘ कार्यक्रम में विशेषज्ञ द्वारा रेडियो आकाशवाणी से वार्ताएं कर जानकारी प्रसारित करने एवं केन्द्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए उत्कृष्ट सेवा सम्मान हेतु चयनित होने पर बधाई संप्रेषित की । डा.साहू ने इसका श्रेय केन्द्र के सभी वैज्ञानिकों/अधिकारियों/कर्मचारियों को देते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील कीं ।

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