महंत को लॉरेंस के नाम से पीएस ने दिलवाई धमकी:20 करोड़ की मांगी फिरौती, बोला था- गोलियों से छलनी कर दूंगा

थानापति महंत बालकानंद गिरी उर्फ बलराम महाराज से फिरौती मांगने के मामले में निजी सचिव समेत 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है।
महाकाल मंदिर उज्जैन (मध्य प्रदेश) के थानापति महंत बालकानंद गिरी उर्फ बलराम महाराज (41) से 20 करोड़ की फिरौती मांगने वाला कोई और नहीं, उन्हीं का निजी सचिव (PS) निकला। उसी ने कुछ बदमाशों के साथ मिलकर लॉरेंस के नाम से महंत को कॉल किया और रुपए मांगे थे। पुलिस ने निजी सचिव सहित 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। मामला सवाई माधोपुर का है।
बुधवार को SP हर्षवर्धन अगरवाला ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड महंत का निजी सचिव रामलखन गुर्जर (33) ही निकला।
आश्रम में भजन करते समय आया था कॉल
SP अगरवाला ने बताया कि महंत बलराम महाराज पुत्र प्रह्ला निवासी पादड़ी तोपखाना थाना सवाई माधोपुर (राजस्थान) ने 29 दिसम्बर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महंत मूलरूप से पादड़ी तोपखाना के रहने वाले हैं। उज्जैन से वो यहां आते-जाते रहते हैं। पादड़ी तोपखाना में भी उनका एक आश्रम है। 29 दिसंबर को उज्जैन से सवाई माधोपुर आए हुए थे। वो अपने पादड़ी तोपखाना (सवाई माधोपुर) स्थित आश्रम में थे। भजन कर रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे मोबाइल नम्बर 7024679192 से उनके पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई का भांजा बताया। 3 दिन के अंदर 20 करोड़ रुपए की व्यवस्था करने की धमकी दी। साथ ही ऐसा नहीं करने पर बॉडी को बंदूक की गोलियों से छलनी करने की भी धमकी दी।

गिरफ्तारी के लिए किया टीम का गठन
SP अगरवाला ने बताया- मामला कुख्यात गैंगस्टर से जुड़ा होने और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल के थानापति बलराम महाराज के पैतृक स्थान पादड़ी तोपखाना (सवाई माधोपुर) आश्रम से संबंधित था। इसकी गंभीरता को देखते हुए ASP हिमांशु शर्मा के सुपरविजन में एक टीम गठित की गई, जिसमें सीओ ग्रामीण अनिल डोरिया और खंडार (सवाई माधोपुर) थानाधिकारी दिनेश चंद बैरवा को भी शामिल किया गया।
दिल्ली में पकड़ा पहला बदमाश
टीम ने जांच पड़ताल करते हुए एविडेंस इकठ्ठे किए। पड़ताल में सामने आया कि महाराज को जिस मोबाइल नंबर से कॉल किया गया था, उसका यूज करने वाला सुनील कुमार उर्फ सन्नी पुत्र रमेशचन्द राजपूत निवासी बगदरी जिला श्योपुर (मध्य प्रदेश) है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर टोंक, जयपुर, कोटा, आगरा (यूपी), मुरैना (एमपी), श्योपुर (एमपी) और दिल्ली टीमें भेजी। इसके बाद पुलिस ने सन्नी को सेक्टर 17-18, गुरुग्राम (हरियाणा) से डिटेन किया। सन्नी को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की गई। इसके बाद उसने अपने साथियों के भी नाम उगल दिए। इसके बाद पुलिस अन्य 6 आरोपियों तक भी पहुंच गई।

बुधवार सुबह करीब 11 बजे अपने कार्यालय में SP हर्षवर्धन अगरवाला ने प्रेसवार्ता कर वारदात का खुलासा किया ।
निजी सचिव ने दिलवाई धमकी
पूरे मामले में महंत का निजी सचिव रामलखन गुर्जर ही मास्टरमाइंड निकला। रामलखन गुर्जर निजी सचिव के रूप में महंत के पास काम करता था। इस कारण उसे महाराज बलराम कृष्ण के पास नकदी होने की सूचना थी। इसके चलते उसने सन्नी से फोन करवा कर महाराज को धमकी दिलवाई।
सात लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने सुनील कुमार राजपूत, राम लखन गुर्जर, नरेश लोहार निवासी श्योपुर (मध्य प्रदेश), धरमू निवासी पादरी तोपखाना खंडार (सवाई माधोपुर), प्रदीप सिकरवार निवासी मुरैना (मध्य प्रदेश), विजेंद्र निवासी गोवर्धनपुरा नांता (कोटा) और उमेश पाठक निवासी खंडार (सवाई माधोपुर) को गिरफ्तार किया है। राम लखन गुर्जर को महंत के आश्रम (सवाई माधोपुर) से ही गिरफ्तार किया गया है।
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सवाई माधोपुर के खंडार स्थित पादड़ी तोपखाने के बलराम उर्फ महंत बालकानंद गिरी को धमकी भरा कॉल आया है। फोन करने वाले ने गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के भांजे के नाम से 20 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। महंत बालकानंद ने खंडार थाने में मोबाइल नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। महंत बालकानंद ने शुक्रवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी।








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