मोटे अनाज पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

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बीकानेर, 26 अगस्त। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर द्वारा वैश्विक परिदृश्य में श्रीअन्न का परिप्रेक्ष्य विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को संपन्न हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर, भागलपुर के पूर्व कुलपति, डॉ. ए. के. सिंह ने प्रतिभागियों को अपने संबोधन में कहा कि मोटे अनाजों को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित प्रत्येक बैठक में 5 मिनट तक मिलेट्स के उत्पादन एवं उपयोगिता पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मिलेट्स फसलों की बीजों की मांग पूरी करने के लिए विश्वविद्यालय की बीज उत्पादन इकाईयां तत्परता से कार्य करें और आपूर्ति की रूपरेखा तैयार करें। इस अवसर पर कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि मिलेट्स के पोषक गुणों को बनाए रखने में मृदा के पोषक तत्वों का बहुत महत्व है, अतः वैज्ञानिक मिलेट्स उत्पादन में मृदा पोषक तत्व प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। अनुसंधान निदेशक, डॉ. पी. एस. शेखावत ने कहा कि केवल उत्तम किस्म का चुनाव करके मिलेट्स की उत्पादकता को 23 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है, अतः स्थानीय जलवायु व औसत वार्षिक वर्षा को ध्यान में रखकर सूखा रोधी किस्म का चयन करें। उन्होंने कहा कि उन्नत किस्म के साथ उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन को और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बीकानेर की जलवायु के लिए बाजरे की बी.एच.बी -1202 किस्म को अनुकूल बताया। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि किसान मिलेट्स के स्थानीय किस्मों का संरक्षण करें तथा अपनी आवश्यकता का बीज सहेज कर रखें। अतिथियों ने मौखिक व्याख्यान व बेस्ट पोस्टर प्रदर्शन के पुरस्कार प्रदान किए।सम्मेलन संयोजिका डॉ. विमला डुंकवाल ने बताया कि बेस्ट युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार कृषि विज्ञान केंद्र मोगा के डॉ. मनप्रीत को तथा बेस्ट उद्यमी का पुरस्कार श्रीमती अलका भोजक, मम्माज बेकरी एवं स्वीटस, बीकानेर को दिया गया। मिलेट्स के सामाजिक, सांस्कृति, आर्थिक एवं भौगोलिक पक्षों पर मौखिक व्याख्यान का प्रथम पुरस्कार कु. कोमल सिंह को दिया गया।इसी थीम पर बेस्ट पोस्टर प्रदर्शन का पुरस्कार डॉ. प्रियंका जोशी को दिया गया। मिलेट्स एवं खाद्य सुरक्षा विषयक सत्र में मौखिक व्याख्यान का प्रथम पुरस्कार डॉ. निरुपमा सिंह को तथा बेस्ट पोस्टर पुरस्कार इंजी. विजय राज को दिया गया। उद्यमिता, स्टार्टअप एवं व्यवसायीकरण पर मौखिक व्याख्यान का प्रथम पुरस्कार डॉ. अदिति माथुर व पोस्ट प्रदर्शन का पुरस्कार डॉ. तरुणा को दिया गया। मिलेट्स पर सरकारी एवं गैर सरकारी नीतियों पर मौखिक व्याख्यान के लिए प्रथम पुरस्कार ड़ॉ.पूनम कलश व बेस्ट पोस्टर पुरस्कार कु. आंचल खंडेलवाल को दिया गया। कार्यक्रम का संचालक ड़ॉ. मंजू राठौड़ ने किया।

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