राजस्थान की बेटी आर्मी में महिला मेजर का हार्ट अटैक से निधन: छह महीने पूर्व हुई थी शादी, पिता की इच्छा पर पीहर में आज होगा अंतिम संस्कार

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झुंझनू/ बीकानेर/ राजौरी।आर्मी में मेजर पिलानी के समीप सुजड़ोला गांव की रहने वाली डॉ. कविता मील का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे महज 29 वर्ष की थी और जम्मू में तैनात थी। डॉ. कविता तीन महीने पहले ही कैप्टन से मेजर बनी थी। छह महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। मेजर कविता के निधन की खबर सुनकर उनके गांव सुजड़ोला में शोक की लहर छा गई। उनके पिता की इच्छा पर अंतिम संस्कार आज पीहर में किया जाएगा। जिसके लिए ससुराल पक्ष ने सहमति दी है।
मेजर कविता मील के पिता कमल सिंह मील भी सेना में रह चुके हैं और अभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खोड़ा में द्वितीय श्रेणी अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत हैं। माता संतोष देवी गृहिणी हैं। परिवार में बड़ी बहन पिंकी भी हैं, जो कि मलसीसर एसडीएम ऑफिस में लेखाकार के पद पर कार्यरत हैं। गांव में पिता के अलावा चाचा राजवीर मील, प्रह्लाद मील और जगदीश मील भी परिवार के साथ रहते हैं।
भाई की मौत के बाद डॉक्टर बनने की ठानी थी

मेजर डॉ. कविता मील ने बड़े भाई की असामयिक मौत पर डॉक्टर बनने की ठानी थी। अस्वस्थता की वजह से 2006 में बड़े भाई का निधन हो गया था। उस वक्त कविता महज 12 वर्ष की थी। भाई का इलाज कर रहे डॉक्टर से उसने कहा था कि आप मेरे भाई को नहीं बचा पाए, लेकिन मैं बड़ी होकर आप ही की तरह डॉक्टर बनूंगी और कोशिश करूंगी कि कभी किसी बहन के भाई की इस तरह मौत ना हो। बचपन में लिए इस प्रण को कविता ने पूरा भी किया और डॉक्टर बनी । झालावाड़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर डॉ. कविता मील आर्मी कोटा से सेना में ऑफिसर के रूप में भर्ती हुई।

मेजर डॉ. कविता मील का विवाह इसी वर्ष 22 अप्रैल को हुआ था। उनके पति डॉ. दीपक तेतरवाल भी आर्मी में मेजर हैं और वर्तमान में बीकानेर पदस्थ हैं।
पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
जम्मू में आर्मी हेडक्वार्टर पर शहीद मेजर कविता मील को साथी सैनिकों ने सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी। जिसके बाद विशेष वाहन से उनके शव को पैतृक गांव सुजड़ोला के लिए रवाना कर दिया गया। सरपंच अंशु कानू सिंह शेखावत ने बताया कि पिता कमल सिंह बेटी कविता को बेटा ही मानते थे । यही वजह रही कि उन्होंने बेटी के ससुराल पक्ष से बात की, जिसके बाद ससुराल कोलासर (सालासर ) की जगह सुजड़ोला में ही अंतिम संस्कार किए जाने पर सहमति बनी। सुबह शहीद मेजर डॉ. कविता मील सुजड़ोला गांव पहुंचेगा, जिसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

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