राजस्थान में 4 घंटे पतंगबाजी पर रोक:चाइनीज, मेटल और ग्लास से बने मांझे पर बैन; स्टोरेज करने तक पूरी तरह पाबंदी

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राजस्थान में 4 घंटे पतंगबाजी पर रोक:चाइनीज, मेटल और ग्लास से बने मांझे पर बैन; स्टोरेज करने तक पूरी तरह पाबंदी

राजस्थान में मकर संक्रांति और दूसरे मौकों पर सुबह और शाम 4 घंटे पतंगबाजी पर रोक रहेगी। पतंगबाज सुबह 6 बजे से 8 बजे और शाम को 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा पतंगबाजी में चाइनीज मांझा, प्लास्टिक, सिंथेटिक मांझा और जहरीले मेटल से बने मांझे पर पूरी तरह रोक रहेगी। गृह विभाग ने इसके लिए सभी कलेक्टरों को एडवाइजरी जारी की है।

गृह विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सुबह शाम पतंगबाजी पर रोक लगाने और चाइनीज, प्लास्टिक और मेटल से बने मांझे पर रोक लगाने को कहा है। इसके लिए धारा 144 के प्रावधानों के तहत सुबह शाम पतंगबाजी पर प्रतिबंध लगाने को कहा है। चाइनीज मांझे और प्लास्टिक या मेटल से बने मांझे को बनाने, बेचने से लेकर स्टोरेज करने तक पूरी तरह पाबंदी है।

हाईकोर्ट ने 2012 में दिए थे आदेश, उसके बाद हर साल एडवाइजरी
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुबह-शाम पतंगबाजी पर रोक लगाने के साथ चाइनीज मांझे पर रोक के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में पर्यावरण विभाग ने भी 2012 में आदेश जारी कर चाइनीज, सिंथेटिक मांझे और मेटल से बने मांझे पर रोक लगाई थी। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हर साल गृह विभाग एडवाइजरी जारी करता है। मकर संक्रांति के मौके पर प्रदेश भर में पतंगबाजी होती है। चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से पक्षियों के अलावा बाइक सवारों के जीवन को भी कई बार गंभीर खतरा होता है। चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से कई बाइक सवारों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में पक्षी भी घायल होते हैं।

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