राजस्थान CM ने सिख धर्म का जयकारा गलत बोला:सिखों की सर्वोच्च संस्था नाराज, कहा- CM की कुर्सी इस जयकारे से मिली, देश कैसे बचाओगे?

राजस्थान के CM भजन लाल और SGPC के पूर्व जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह ग्रेवाल।
राजस्थान के नवनियुक्त CM भजनलाल शर्मा एक कार्यक्रम के दौरान सिख धर्म से जुड़ा जयकारा गलत बोल गए। उन्हें सिख समाज ने एक कार्यक्रम में बुलाया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस पर कड़ा एतराज जताया है।
SGPC मेंबर और पूर्व महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने CM का वीडियो वायरल होने के बाद अमृतसर से वीडियो जारी कर कहा कि यह मजाक का विषय नहीं है। हमारे लिए इसके गहरे अर्थ हैं। CM काे नहीं भूलना चाहिए कि जिस आजादी और मुख्यमंत्री की कुर्सी का वह आनंद ले रहे हैं, वह इसी जयकारे की वजह से मिली है। जयकारा भूलोगे तो देश कैसे बचाओगे?
राजस्थान CM ने कहा- सत सत अकाल
सिख धर्म की तरफ से ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ का जयकारा बोला जाता है। राजस्थान CM भजन लाल ने माइक संभाला तो संबोधन शुरू करते हुए ‘सत सत अकाल’ कहा। जिस पर सभा में उपस्थित लोगों ने उन्हें ठीक से सत श्री अकाल बोलने के बारे में बताया।
इतने में माइक के दूसरी तरफ खड़ी मंच संचालिका ने जो-बोले सो निहाल, सत श्री अकाल का जयकारा लगा दिया। जिस पर मुख्यमंत्री ने फिर टोका और कहा, ये उलट बोल रहे हैं।
इसके बाद वहां मौजूद एक सिख व्यक्ति ने CM को समझाया कि पूरा जयकारा जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल होता है। जिसके बाद सीएम ने मंच से जो बोले सो निहाल कहा तो वहां मौजूद लोगों ने सत श्री अकाल कहकर जवाब दिया।
4 तस्वीरों में समझिए पूरा मामला

राजस्थान CM ने शुरूआत में सत सत अकाल कहकर संबोधित किया।

तब उन्हें पीछे से टोका गया कि वह गलत बोल रहे हैं।

फिर मंच संचालन कर रही महिला से सही ढंग से जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल कहा तो CM भजन लाल ने उन्हें टोक दिया कि वह उलटा बोल रही हैं।

इसके बाद वहां मौजूद एक सिख व्यक्ति ने CM को कहा कि मंच संचालिका ने सही बोला है, जिसके बाद CM ने उसे दोहराया।
SGPC के पूर्व जनरल सेक्रेटरी बोले- इसका हमारे लिए गहरा अर्थ
इस बारे में SGPC के पूर्व जनरल सेक्रेटरी और मौजूदा मेंबर गुरचरण ग्रेवाल ने कहा कि सीएम भजन लाल शर्मा सिखों के समागम में शामिल हुए थे। जहां वह सिखों का जयकारा सही ढंग से नहीं बोल सके, जबकि सहायक उन्हें सही बताते रहे।
यह बात भले ही किसी के लिए मजाकिया हो, लेकिन हमारे लिए यह गहरा अर्थ रखती है। अगर देश के नेता जयकारे को ही भूल जाएंगे तो देश कैसे बचेगा।
मैं CM को कहना चाहता हूं कि वह बड़े लीडर बन गए, एक राज्य के मुख्यमंत्री हो, अगर आपको ही जयकारा याद नहीं या ध्यान नहीं है तो फिर आपको पता होना चाहिए कि जिस आजादी और CM कुर्सी का आप आनंद मान रहे हो, वह आजादी इसी जयकारे ने दिलाई है। शर्मा जी, अगर जयकारे को भूल जाओगे तो देश को कैसे बचाओगे।
ये वही जयकारा है, जिससे देश आजाद हुआ था। 1922 में सिख लहर के दौरान अंग्रेजों को पीछे हटने पर मजबूर किया गया था।
इतना ही नहीं, वे सिख ही थे, जिन्होंने देश को 750 साल की मुगलों की गुलामी से छुड़वाया था। बाबा बंदा सिंह बहादुर ने इसी जयकारे को बोल पहला सिख साम्राज्य खड़ा किया था। हैरानी है कि भारत कई धर्मों से मिल कर बना है। अगर इसी तरह हमारे नेता जयकारे को भूलने लगे तो देश कैसे बचेगा।








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