राम मंदिर पहुंचेगा 1100 किलो का दीपक:पंच धातु से बनाया गया है दीपक, कोटा में हुई पूजा

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राम मंदिर पहुंचेगा 1100 किलो का दीपक - Dainik Bhaskar

राम मंदिर पहुंचेगा 1100 किलो का दीपक

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। राम भक्त अपने अपने हिसाब से भगवान राम के दर्शन और पूजन के लिए व्यवस्था करने में जुटे है। गुजरात के वडोदरा निवासी रामभक्त अरविंद भाई पटेल ने राम मंदिर के लिए 1100 किलो का दीपक बनवाया है। पंचधातु से बना यह दीपक सात तारीख को वड़ोदरा से मिनी ट्रक से रवाना किया गया। 12 जनवरी तक अयोध्या पहुंचेगा। जहां इसे राम मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इसकी व्यवस्था विश्व हिंदू परिषद देख रही है। वड़ोदरा के रहने वाले अरविंद भाई पटेल पेशे से किसान हैं। भगवान राम के अनन्य भक्त हैं। उनका कहना है कि सैकड़ों वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या में रामलला विराज रहे हैं।

कोटा के गोदावरी धाम मंदिर में दीपक की आरती की गई।

कोटा के गोदावरी धाम मंदिर में दीपक की आरती की गई।

सनातन का सपना पूरा होने वाला है। इस खुशी में यह दीपक बनवाया गया है। उन्होंने बताया कि वड़ोदरा से ही 108 फीट लंबी अगरबत्ती का निर्माण कर अयोध्या ले जाया गया है। जब यह खबर सुनने को मिली कि अयोध्या में इतनी बड़ी अगरबत्ती जलाई जाएगी तो मन हुआ कि दीपक भी होना चाहिए। इसलिए इस दीपक का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने बताया कि करीब 21 दिन में इस दीपक का निर्माण हुआ है।

अगरबत्ती से आया ख्याल
अरविंद पटेल ने बताया कि जब राममंदिर में इतनी बड़ी अगरबत्ती जा रही है तो इतना बड़ा दीपक भी तो रामलला के आगे प्रज्ज्वलित होना चाहिए। इसलिए उन्होंने इसके निर्माण का काम करवाया। इसके लिए मकरपुरा जीआईडीसी में बात की जो कि वहां बड़ी फैक्ट्री है। वहां के इंजीनियर्स ने करीब बीस दिन की मेहनत के बाद इस दीपक का निर्माण किया है। दीपक पंच धातु से बना है जिसका वजन 1100 किलोग्राम है। इस दीपक की ऊंचाई 9.15 फीट और परिधि यानी चौड़ाई आठ फीट की है। आधार की परिधि लगभग पांच फीट है। दीपक में पांच सौ किलो घी से बाती प्रज्ज्वलित की जाएगी।

दीपक के कोटा पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद मंदिर पहुंचे लोग इंतजार करते हुए

दीपक के कोटा पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद मंदिर पहुंचे लोग इंतजार करते हुए

पंद्रह किलो से बनेगी बाती
अरविंद पटेल ने बताया कि इसे जलाने के लिए पांच सौ एक किलो घी साथ लेकर जा रहे हैं। मंदिर में इसे स्थापित करने के बाद साथ ले जाया घी ही इसमें डाला जाएगा और पंद्रह किलो रूई की बड़ी बाती बनाई जाएगी। एक बार प्रज्वलित करने के बाद यह दीपक एक महीने से ज्यादा समय तक चलेगा। मशाल से इस दीपक को प्रज्वलित किया जाएगा। इस दीपक के ऊपर तक पहुंचने के लिए एक सीढी भी बनाई गई है। इस दीपक को बनाने के लिए सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और शीशा शामिल किया है। इस दीपक को बनाने में आई लागत के बारे में सवाल करने पर अरविंद पटेल ने कहा कि दीपक को राम भगवान के लिए बनवाया गया है ऐसे में इसकी लागत को लेकर कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं।

अयोध्या में राममंदिर में इस दीपक को स्थापित किया जाएगा जिसमें पंद्रह किलो रूई से बाती बनाई जाएगी

अयोध्या में राममंदिर में इस दीपक को स्थापित किया जाएगा जिसमें पंद्रह किलो रूई से बाती बनाई जाएगी

कोटा में हुआ स्वागत
मंगलवार को दीपक को लेकर चल रहा काफिला कोटा पहुंचा। यहां रावतभाटा रोड स्थित गोदावरी धाम मंदिर में दीपक की पूजा की गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में रामभक्त मंदिर में पहुंचे और दीपक के दर्शन किए। विधायक संदीप शर्मा ने भी मंदिर पहुंचकर इसकी पूजा और आरती की। कुछ देर यहां ठहरने के बाद काफिला अयोध्या के लिए रवाना हो गया।

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