जयपुर, 23 जून। मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन प्रतिनिधियों के पत्रों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए तथा उनका तत्काल जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि राजकीय भवनों के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रमों तथा अन्य राजकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आवश्यक रूप से आमंत्रित करने के संबंध में जारी प्रोटोकॉल निर्देशिका की पूर्णतया पालना सुनिश्चित की जानी चाहिये।
मुख्य सचिव बुधवार को वीसी के माध्यम से जन प्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। श्री आर्य ने अधिकारियों से कहा कि सांसद और विधायकों के साथ प्रोटोकॉल के तहत निर्धारित व्यवहार किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वर्ष 2020 को जारी परिपत्र के आधार पर प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिये। इसमें राजकीय भवनों के शिलान्यास अथवा उद्घाटन कार्यक्रमों व अन्य राजकीय समारोह जो राजकीय धनराशि से आयोजित हों, चाहे वे किसी राजकीय उपक्रम, बोर्ड, निगम या स्वायत्तशासी संस्था के हो, उनमें जनप्रतिनिधियों यथा सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, नगर निकायों के मेयर, सभापति, अध्यक्ष, ग्राम पंचायत के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों को, विशेष रूप से कार्यक्रम स्थल से संबंधित जनप्रतिनिधिगण को आवश्यक रूप से आमंत्रित किये जाने के संबंध में निर्दिष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि फील्ड लेवल पर भी विभाग के अधिकारियों को इन दिशा- निर्देशों की जानकारी होनी चाहिये। श्री आर्य ने कहा कि इस व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग अपने सुझाव भी लिखकर दें।
बैठक में प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अश्विनी भगत उपस्थित थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग श्री सुधांश पंत, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग श्री कुंजी लाल मीणा, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री राजेश यादव, प्रमुख शासन सचिव, सामान्य प्रशासन श्रीमती गायत्री राठौड, सचिव, स्वायत्त शासन विभाग श्री भवानी सिंह देथा, सचिव पंचायतीराज विभाग श्रीमती मंजू राजपाल, सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्री के के पाठक तथा मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री सुधीर शर्मा ने वीसी के माध्यम से भाग लिया।












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