शराब पीने के शौकीन इस खबर को जरूर पढ़ें, आबकारी विभाग की नई दरें लागू, जानें रेट पर कितना पड़ेगा असर

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Jaipur: गर्मी में बियर पीने का मजा लेने के लिए अब आपको पहले से थोड़ा ज़्यादा खर्चा करना होगा. लोग गर्मी में रम, व्हिस्की और वोडका की जगह चिल करने के लिए चिलचिलाती गर्मी में चिल्ड बियर पीते हैं. लेकिन अब जस्ट चिल-चिल करने के लिए आपको ज़्यादा बिल भी देना होगा. शराब ठेका नीलामी के पांचवें चरण के साथ ही सरकार ने बीयर की बोतल 10 रुपए तक महंगी कर दी है.

दरअसल आबकारी विभाग ने एक लीटर बीयर पर वेंड फीस में 12 रुपए का इजाफा किया है. यह अब 2 रुपए से बढ़कर सीधे 14 रुपए हो गई है. चूंकि यह बढ़ोतरी एक लीटर पर है, जबकि बीयर की स्टैंडर्ड बोतल 650 मिलीलीटर की होती है. ऐसे में बोतल पर 10 रुपए की बढ़ोतरी होगी. हालांकि बोतल के साइज के हिसाब से यह इजाफा अलग-अलग होगा. नई दरें लागू भी हो गई हैं. 

अभी 650 एमएल की बीयर की बोतलें अलग-अलग प्राइज में आती हैं. लेकिन स्टैंडर्ड प्राइज 135 रुपये हैं. ऐसे में यह अब 145 रुपए में मिलेगी. इससे सरकार को हर साल करीब 2.5 अरब रुपए ज्यादा राजस्व मिलेगा. बता दें कि 2021-22 में सरकार को शराब से करीब 11 हजार करोड़ का राजस्व मिला है और इस साल शराब से 15 हजार करोड़ राजस्व का लक्ष्य रखा है. उधर आबकारी विभाग 5वीं और अंतिम नीलामी के तहत बची हुई 1930 शराब दुकानों की बोली लगवाना शुरू कर दिया है. 

ठेकेदारों को आकर्षित करने और ज्यादा से ज्यादा दुकानों की नीलामी के लिए सरकार ने न्यूनतम रिजर्व प्राइज (एनपीआर) 10 प्रतिशत कम कर दी है. इस चरण के बाद जो दुकानें बचेंगी, उनका संचालन सरकार अपने स्तर पर करेगी. बता दें कि हर दुकान की अलग रिजर्व प्राइज होती है. जैसे किसी दुकान की एनपीआर 1 करोड़ रुपए है तो बोली वहीं से शुरू होती है, लेकिन अब 10 प्रतिशत घटाकर 90 लाख से नीलामी शुरू होगी.

आबकारी आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि विभाग की कुल 7665 दुकानों में से 5735 दुकानें अब तक उठ चुकी हैं. इनमें से 2501 दुकानों का नवीनीकरण हुआ है और 3234 दुकानों की चार चरणों में नीलामी हुई है. बची हुई 1930 दुकानों की नीलामी आज से शुरू हो गई है. सरकार ने प्रदेश में 7665 शराब दुकानों को नीलामी करने का लक्ष्य रखा. चार चरणों में 5736 दुकानें नीलाम हो गई. अब पांचवें चरण में 1930 दुकानों की नीलामी बाकी है. चूंकि अधिकतर दुकानें नीलाम हो चुकी हैं. ऐसे में सरकार ने ज्यादा राजस्व जुटाने के लिए वेंड फीस बढ़ा दी. नीलामी की प्रक्रिया मार्च माह में हुई थी.

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