बीकानेर, दिनांक 25 जुलाई, 2026। बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में बीकानेर के महाराजा गंगासिंह जी के शासनकाल में निर्मित ऐतिहासिक (हेरिटेज) तराजूनुमा भवन पुराने कचहरी परिसर के संरक्षण एवं आवश्यक मरम्मत कार्य के संबंध में पूर्व में विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी से आग्रह किया गया था। इस संबंध में बार एसोसिएशन द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग के पूर्वानुमानित तकमीना (म्ेजपउंजम) की राशि स्वीकृत कराने हेतु पत्र भी प्रेषित किया गया था।
बार एसोसिएशन द्वारा विधायक महोदया का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया कि लंबे समय से उचित रख-रखाव के अभाव में यह ऐतिहासिक भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुँच चुका है, जिससे अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों एवं आमजन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। विशेष रूप से मानसून के दौरान भवन को और अधिक क्षति पहुँचने तथा किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका व्यक्त की गई। इस पर विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी ने बार एसोसिएशन की मांग को गंभीरता से लेते हुए भवन के संरक्षण एवं मरम्मत कार्य हेतु ₹20 लाख की राशि यथा संभव शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया तथा आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कराने का भरोसा दिलाया।
बैठक के दौरान बार एसोसिएशन ने न्यायिक अधोसंरचना के विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी विधायक महोदया के समक्ष रखे। एसोसिएशन ने बीकानेर में अधिवक्ताओं के लिए पृथक “अधिवक्ता कॉलोनी” विकसित किए जाने की मांग रखते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं को कार्यस्थल के निकट आवास उपलब्ध कराने की आवश्यकता है, जिससे उन्हें बेहतर कार्य वातावरण एवं सुविधाएं मिल सकें।
इसके अतिरिक्त, वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल साक्ष्यों से संबंधित मामलों की संख्या को देखते हुए बीकानेर में पृथक “साइबर कोर्ट” की स्थापना की भी मांग की गई, ताकि ऐसे मामलों का त्वरित एवं विशेषज्ञतापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो सके और आमजन को प्रभावी न्याय उपलब्ध हो।
विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी ने इन सभी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुवे राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से रखने का आश्वासन दिया।
बार एसोसिएशन, बीकानेर ने विधायक महोदया द्वारा दिए गए इस सकारात्मक आश्वासन का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। एसोसिएशन को विश्वास है कि शीघ्र ही राशि स्वीकृत होने के उपरांत ऐतिहासिक हेरिटेज भवन के संरक्षण एवं मरम्मत का कार्य प्रारंभ होगा, जिससे न्यायालय परिसर की इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकेगा तथा अधिवक्ताओं एवं आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा।
प्रतिनिधि मंडल में सचिव हेमन्त सिंह चौहान, सहायक सचिव गणेष टाक, भंवर विष्नोई, प्रषांत तंवर सहित अनेक अधिवक्ता मौजुद थे ।







